शादी के नाम पर देशव्यापी ठगी: आगरा में फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट चलाने वाला वकील गिरफ्तार, गिरोह का भंडाफोड़
शादी का झांसा देकर देशभर में लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरोह आगरा से एक फर्जी वैवाहिक…
शादी का झांसा देकर देशभर में लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह गिरोह आगरा से एक फर्जी वैवाहिक वेबसाइट 'शादीपार्टनर डॉट कॉम' चला रहा था और इसका मास्टरमाइंड एक वकील है। इस मामले में पुलिस ने वकील अमित कुमार समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक व्यक्ति ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई कि 'शादीपार्टनर डॉट कॉम' पर रिश्ता तय कराने के नाम पर उससे 15,000 रुपये ठग लिए गए। इस शिकायत के आधार पर साइबर सेंट्रल थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
कानूनी दांव-पेंच का इस्तेमाल
जांच में पता चला कि इस गिरोह का सरगना 29 वर्षीय अमित कुमार है, जो पेशे से वकील है। उसने कानूनी तरीकों का दुरुपयोग कर खुद को बचाने का पूरा इंतजाम कर रखा था। उसने 'मेसर्स शादी पार्टनर' नाम की फर्म अपनी महिला मैनेजर जया शाक्य उर्फ शशि के नाम पर पंजीकृत कराई थी। सारे बैंक खाते और सिम कार्ड भी जया के नाम पर ही थे, जबकि अमित खुद को केवल कंपनी का 'लीगल एडवाइजर' बताता था। पुलिस के मुताबिक, छापेमारी की खबर मिलते ही वह फरार हो गया था, लेकिन 8 सितंबर को उसे आगरा के काला कुंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
यह गिरोह 'छोटा धोखा, बहुतों के साथ धोखा' की रणनीति पर काम कर रहा था। वे फेसबुक, इंस्टाग्राम और अपनी वेबसाइट के जरिए शादी के इच्छुक पुरुषों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद महिला टेली-कॉलर्स उन्हें फोन कर आकर्षक लड़कियों की फर्जी तस्वीरें भेजती थीं। भरोसा जीतने के लिए गिरोह की दूसरी महिला सदस्य होने वाली दुल्हन बनकर कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात भी करती थी।
एक बार पीड़ित झांसे में आ जाता, तो उससे रजिस्ट्रेशन चार्ज, प्रोफाइल एक्टिवेशन और कॉन्टैक्ट अनलॉक करने जैसे बहानों से 2,500 से 15,000 रुपये तक वसूले जाते थे। कुछ दिनों बाद मांगलिक दोष या परिवार की असहमति जैसे बहाने बनाकर रिश्ता तोड़ दिया जाता था। छोटी रकम होने के कारण ज्यादातर लोग पुलिस में शिकायत नहीं करते थे।
आगरा में चल रहा था कॉल सेंटर
पुलिस ने 4 सितंबर, 2026 को आगरा के सिकंदरा स्थित रामाजी धाम अपार्टमेंट में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा। मौके से मैनेजर जया शाक्य और आठ महिला टेली-कॉलर्स को गिरफ्तार किया गया। टेली-कॉलर्स की भर्ती वर्कइंडिया और अपना ऐप जैसे प्लेटफॉर्म से की जाती थी। उन्हें 6,000-7,000 रुपये मासिक वेतन के साथ ठगी गई रकम पर 10% कमीशन दिया जाता था। पुलिस ने मौके से एक कार, 50,000 रुपये नकद, सात डेस्कटॉप और 47 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
इनपुट: IANS



