समान नागरिक संहिता: अमित शाह के बयान के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में लागू करने की तैयारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद समान नागरिक संहिता (UCC) पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे लागू करने की बात कही है। समाचार एजेंसी IANS की…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद समान नागरिक संहिता (UCC) पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे लागू करने की बात कही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शाह के इस बयान पर NDA के सहयोगी दलों, विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार, ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इसे जल्द से जल्द लागू करने की वकालत की है।
अमित शाह ने कहा है कि 2029 के आम चुनाव से पहले देश के सभी 21 NDA और भाजपा शासित राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में सबसे पहले कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में पहल की तैयारी
उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने गृह मंत्री के बयान का स्वागत करते हुए कहा, "हम सभी गृह मंत्री अमित शाह के बयान का सम्मान करते हैं और यह देश के हित में है।" उन्होंने आगे कहा कि अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो उत्तर प्रदेश इसे ज़मीनी स्तर पर लागू करने में सबसे आगे रहेगा। राजभर ने कहा, "अगर सब कुछ ठीक रहा तो हम इसे जल्द ही उत्तर प्रदेश में भी लागू करेंगे।"
बिहार में भी सहमति बनाने की कोशिश
वहीं, बिहार में भी इस कानून को लेकर हलचल शुरू हो गई है। पटना में मंत्री राम कृपाल यादव ने UCC को एक "महत्वपूर्ण कानून" बताया और कहा कि गृह मंत्री ने इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। यादव ने बताया, "इस प्रक्रिया के तहत केंद्रीय गृह मंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात की है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन के सभी सहयोगियों को विश्वास में लेकर और चर्चा के बाद ही इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
इस बीच, जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने जानकारी दी कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद UCC पर आगे की चर्चा होगी।
इनपुट: IANS



