अमेरिका चुनाव: ट्रंप के दावों के बाद व्हाइट हाउस काउंसलर ने चुनावी प्रणाली की खामियों पर उठाए सवाल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी सेंधमारी के दावों के बाद उनके काउंसलर पीटर नवारो ने देश की चुनावी व्यवस्था को ही इसकी विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया है…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी सेंधमारी के दावों के बाद उनके काउंसलर पीटर नवारो ने देश की चुनावी व्यवस्था को ही इसकी विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नवारो ने ट्रंप का समर्थन करते हुए कहा कि यह मुद्दा चीन की गतिविधियों से ज़्यादा अमेरिकी राजनीतिक प्रणाली की अपनी चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित रखने में नाकामी का है।
शुक्रवार देर रात व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम एक télévised संबोधन में, राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव सुरक्षा से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेज़ों से अमेरिकी चुनावी प्रणाली में 'चौंकाने वाली कमियां' उजागर हुई हैं। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि चीन ने इन कमियों का फायदा उठाते हुए वर्षों तक अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की।
चीन पर 22 करोड़ वोटरों का डेटा चुराने का आरोप
अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया, "पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने चुनावी डेटा में इतिहास की सबसे बड़ी सेंध लगाई, जिसके परिणामस्वरूप चीन ने अवैध रूप से 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं की फाइलें हासिल कर लीं।" उन्होंने कहा कि इस चोरी किए गए डेटा में मतदाताओं के नाम, पते, फोन नंबर और राजनीतिक दल की प्राथमिकता जैसी व्यक्तिगत जानकारियां शामिल थीं। ट्रंप के अनुसार, इस डेटा का इस्तेमाल मतदाता पंजीकरण और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया जा सकता था।
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को 2020 में पहली बार पता चला था कि चीन ने 18 राज्यों में करोड़ों वोटर रिकॉर्ड खरीदे, चुराए या हैक किए थे, लेकिन एजेंसी ने यह जानकारी राष्ट्रपति या कांग्रेस को नहीं दी।
'सेव अमेरिका एक्ट' को बताया समाधान
पीटर नवारो ने ट्रंप के खुलासे के मकसद पर जोर देते हुए कहा, "कल रात जो कुछ हुआ, उसका मकसद उन जानकारियों को सार्वजनिक कर लोगों को जागरूक करना था, जिन्हें पहले गोपनीय रखा गया था। ...राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन्हें इसलिए जारी किया ताकि अमेरिकी जनता देश की चुनावी प्रणाली में मौजूद कमजोरियों को बेहतर ढंग से समझ सके।" नवारो के अनुसार, चीन द्वारा आरोपों से इनकार करना अपेक्षित था, लेकिन असली मुद्दा घरेलू चुनावी प्रणाली की विफलता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा 'सेव अमेरिका एक्ट' पारित करना इस समस्या का समाधान है। नवारो ने कहा, "अगर सेव अमेरिका एक्ट पास हो जाता है, जिसमें वोटर आईडी, नागरिकता का सबूत जरूरी होगा और एब्सेंटी बैलेट के लापरवाही से इस्तेमाल पर रोक लगेगी तो देश में ज्यादा सुरक्षित चुनाव होंगे और ज्यादा ईमानदारी होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि इससे अमेरिकी लोगों का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा।
इनपुट: IANS



