शनिवार, 18 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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बलूचिस्तान में छात्रों को 'जबरन गायब' करने के आरोप तेज, मानवाधिकार संगठनों ने उठाए सवाल

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में दो और छात्रों के कथित तौर पर 'जबरन गायब' किए जाने की घटनाओं ने मानवाधिकारों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठन बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने आरोप लगाया…

बलूचिस्तान में छात्रों को 'जबरन गायब' करने के आरोप तेज, मानवाधिकार संगठनों ने उठाए सवाल
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में दो और छात्रों के कथित तौर पर 'जबरन गायब' किए जाने की घटनाओं ने मानवाधिकारों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठन बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दो बलूच युवकों को हिरासत में लिया है और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं को शिक्षित बलूच युवाओं के खिलाफ एक बढ़ते हुए पैटर्न का हिस्सा बताया जा रहा है।

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दो छात्रों के गायब होने का मामला

शनिवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक, पहला मामला बलूच स्टूडेंट फ्रंट (बीएसएफ) के केंद्रीय नेता फजल बलूच का है। संगठन ने बताया कि उन्हें शुक्रवार तड़के बलूचिस्तान के हब चौकी इलाके में स्थित उनके घर से सुरक्षाकर्मी अपने साथ ले गए, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। दूसरा मामला शहाब बलूच नामक छात्र का है, जो अजरबैजान में पढ़ाई कर रहे थे। आरोप है कि गर्मी की छुट्टियों में घर लौटने के बाद उन्हें भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर गायब कर दिया।

अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग

बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने पाकिस्तानी अधिकारियों से फजल बलूच के संबंध में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा, "फजल बलूच की स्थिति और ठिकाने की तुरंत जानकारी दी जाए, उन्हें परिवार और वकील से मिलने की अनुमति दी जाए, या यदि हिरासत का कोई कानूनी आधार है तो उन्हें सक्षम नागरिक अदालत के सामने पेश किया जाए।"

बढ़ती घटनाओं पर चिंता

बलूच वुमेन फोरम (बीडब्ल्यूएफ) की केंद्रीय आयोजक शाली बलूच ने भी इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ एक सप्ताह के भीतर बलूचिस्तान से कई युवाओं को कथित तौर पर जबरन गायब किया गया है, जो बलूच छात्रों और शिक्षित युवाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज होने का संकेत है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "बलूच छात्रों और स्नातकों को निशाना बनाया जाना राजनीतिक चेतना को कमजोर करने और असहमति को दबाने की कोशिश है।" वहीं, बलूच कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है ताकि गायब हुए सभी युवाओं की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित हो सके।

इनपुट: IANS

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