पिछली सरकार के फैसलों की पड़ताल: अब केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन भी जांच के दायरे में
केरल में वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली नई सरकार ने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार के कार्यकाल की समीक्षा का दायरा और बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब सरकारी…
केरल में वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली नई सरकार ने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार के कार्यकाल की समीक्षा का दायरा और बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं और उपकरण खरीदने वाली एजेंसी, केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (KMSCL), भी जांच के दायरे में आ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी के कामकाज को लेकर एक व्यापक जांच का आदेश दिया है।
यह कार्रवाई उन दस्तावेजों के सामने आने के बाद हुई है जिनसे पता चलता है कि KMSCL ने कोविड-19 महामारी और राज्य के गंभीर वित्तीय संकट के बीच तिरुवनंतपुरम टेनिस क्लब की 25 साल की कॉर्पोरेट सदस्यता के लिए सार्वजनिक धन से 19 लाख रुपये खर्च किए थे।
लगातार कई संस्थाओं की हो रही है जांच
सत्ता में आने के सिर्फ दो महीने के भीतर, सतीशन सरकार ने पिछली सरकार के प्रमुख संस्थानों और फैसलों की व्यवस्थित समीक्षा शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करने से हुई थी, जिसमें गंभीर आर्थिक हालत और वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया था। इसके बाद, सरकार ने केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) के कामकाज की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया। KIIFB का ऑफ-बजट फंडिंग मॉडल लंबे समय से विवादों में रहा है।
KMSCL से जुड़े पुराने विवाद भी उठे
नई जांच के साथ ही KMSCL से जुड़े पुराने विवाद भी फिर से चर्चा में आ गए हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- कथित बैकडोर भर्तियां: निगम पर आरोप था कि उसने लोक सेवा आयोग को रिक्तियों की सूचना दिए बिना और रोजगार कार्यालय के माध्यम से अधिसूचना जारी किए बिना 186 नियुक्तियां की थीं।
- गोदामों में आग: LDF सरकार के दौरान KMSCL के गोदामों में कुछ ही दिनों के अंतराल पर आग लगने की घटनाएं हुई थीं, जिनमें बड़ी मात्रा में दवाइयां और चिकित्सा सामग्री नष्ट हो गई थी। तब विपक्ष ने आरोप लगाया था कि यह खरीद में कथित अनियमितताओं के सबूत मिटाने की कोशिश हो सकती है।
इस बीच, केरल लोक सेवा आयोग (PSC) में राज्य योजना बोर्ड की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच भी क्राइम ब्रांच की विशेष टीम कर रही है। वहीं, अब यह भी संभावना जताई जा रही है कि 2018 की बाढ़ के बाद विश्व बैंक से मिले ऋण से शुरू हुए 'रीबिल्ड केरल इनिशिएटिव' (RKI) की भी जल्द जांच हो सकती है।
इनपुट: IANS



