संयुक्त राष्ट्र के नक्शे पर कांग्रेस का हमला, प्रमोद तिवारी ने सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रमोद तिवारी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा जारी एक नए नक्शे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस नक्शे को भारत की संप्रभुता के खिलाफ बताते हुए…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रमोद तिवारी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा जारी एक नए नक्शे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस नक्शे को भारत की संप्रभुता के खिलाफ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी की निंदा की है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कूटनीतिक और विदेश नीति के स्तर पर आपत्ति दर्ज कराने की ज़रूरत थी, लेकिन सरकार ऐसा करने में विफल रही है।
तिवारी ने ज़ोर देकर कहा, "अक्साई चिन और अरुणाचल प्रदेश का जर्रा-जर्रा भारत का है। इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।" उन्होंने कहा, "यह संयुक्त राष्ट्र का जारी किया गया नक्शा है और यह गलत है। यह भारत की सार्वभौमिकता के खिलाफ है। हमारे प्रधानमंत्री कहीं और व्यस्त हैं। वे इतने कमजोर हो गए हैं कि इस मुद्दे पर चुप हैं।" उन्होंने सरकार से इस मामले पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराने की मांग की है।
दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल
प्रमोद तिवारी ने हाल ही में दिल्ली में हुई दो घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। दिल्ली में मणिपुर के एक संगीत शिक्षक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के मामले पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से सवाल किया, "मैं किरेन रिजिजू से पूछना चाहता हूं कि जब वह संघर्ष कर रहे थे, मदद मांग रहे थे और खुद को बचाने के लिए दरवाजे की ओर भाग रहे थे, तब उनकी 'क्विक रिस्पॉन्स टीम' कहां थी?"
उन्होंने इस घटना को केंद्र सरकार की कानून-व्यवस्था की पूरी विफलता करार देते हुए कहा कि भाजपा ने दिल्ली को 'अपराध की राजधानी' बना दिया है।
सत्य निकेतन इमारत हादसे पर प्रतिक्रिया
इसके अलावा, सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि अन्य इमारतों के मालिकों से जबरन वसूली शुरू हो गई है ताकि उनकी इमारतों की पहचान न हो। उन्होंने कहा, "मैं इसे हादसा नहीं, बल्कि हत्या मानता हूं।" प्रमोद तिवारी ने इन मौतों पर राजनीति न करने की अपील करते हुए सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की निगरानी में एक प्रभावी और दीर्घकालिक नीति बनाने की मांग की।
इनपुट: IANS



