बुधवार, 15 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अहमदाबाद विमान हादसा: AAIB ने सुप्रीम कोर्ट में कॉकपिट रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने का किया कड़ा विरोध

अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई हुई। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अदालत में याचिकाकर्ता की उस मांग का पुरज़ोर विरोध किया

अहमदाबाद विमान हादसा: AAIB ने सुप्रीम कोर्ट में कॉकपिट रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने का किया कड़ा विरोध
(फोटो: IANS)

अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई हुई। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अदालत में याचिकाकर्ता की उस मांग का पुरज़ोर विरोध किया है, जिसमें दुर्घटनाग्रस्त विमान की कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (CVR) को सार्वजनिक करने की बात कही गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ब्यूरो ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि विमान दुर्घटना जांच से जुड़े कानून ऐसी संवेदनशील जानकारी को जारी करने की अनुमति नहीं देते हैं।

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AAIB ने अदालत को बताया कि जांच का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसे हादसों को रोकना और हवाई सुरक्षा को बेहतर बनाना है, न कि किसी पर दोष मढ़ना। ब्यूरो के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के इस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक सौंपे जाने की उम्मीद है। यह पूरी प्रक्रिया एयरक्राफ्ट (इन्वेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट्स एंड इंसिडेंट्स) रूल्स, 2025 और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के तहत की जा रही है।

गोपनीयता और जांच की निष्पक्षता

ब्यूरो ने अपने जवाब में नियमों का हवाला देते हुए कहा कि विमान दुर्घटना की जांच में केवल उसे ही अधिकार प्राप्त है और किसी समानांतर जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। हलफनामे में नियम 17 का जिक्र करते हुए कहा गया, "2025 के नियमों में जांच सामग्री की गोपनीयता और उसकी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण और अनिवार्य प्रावधान किए गए हैं। नियम 17(5) स्पष्ट रूप से कहता है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की ऑडियो सामग्री को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। यह पूर्ण रूप से वैधानिक प्रतिबंध है।"

AAIB के अनुसार, गवाहों के बयान, मेडिकल जानकारी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल रिकॉर्डिंग और जांच अधिकारियों की राय जैसी सामग्री को संरक्षित रखा जाता है ताकि गवाह बिना किसी डर के खुलकर सहयोग कर सकें। ब्यूरो ने कहा कि इन सूचनाओं को केवल तभी सार्वजनिक किया जा सकता है, जब केंद्र सरकार यह तय करे कि ऐसा करना व्यापक जनहित में आवश्यक है, भले ही इसका जांच पर कोई भी असर पड़े।

याचिका में क्या मांग की गई है?

यह हलफनामा सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है। याचिका में इस विमान दुर्घटना की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने AAIB की जांच टीम की संरचना पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के कई सदस्य शामिल हैं, जबकि इस हादसे में DGCA की अपनी भूमिका भी जांच के दायरे में हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि 12 जून, 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकरा गई थी। इस भीषण हादसे में यात्रियों, क्रू सदस्यों और ज़मीन पर मौजूद लोगों समेत लगभग 260 लोगों की मौत हो गई थी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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