दिलीप घोष का ममता और अभिषेक पर निशाना, कहा – अदालत के आदेश का पालन करें, जांच में सहयोग दें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के मामले में निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब अदालत जांच में सहयोग करने का निर्दे
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के मामले में निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब अदालत जांच में सहयोग करने का निर्देश दे रही है, तो उसका विरोध करना उचित नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को दिलीप घोष ने कहा कि अदालत के आदेशों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।
दिलीप घोष ने इस बात पर जोर दिया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने ही सीबीआई और ईडी की जांच से बचने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था और कानूनी सुरक्षा मांगी थी। उन्होंने सवाल उठाया, "जब अदालत जांच में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दे रही है, तो उसका विरोध क्यों किया जा रहा है?" उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।
राज्य में उद्योग और कानून-व्यवस्था
पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौर में जबरन दखलंदाजी, सिंडिकेट सिस्टम और जमीन विवादों के कारण कई उद्योग अपना काम बंद करने पर मजबूर हुए। उन्होंने दावा किया कि नई सरकार के आने के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और उद्योगपतियों को एक बेहतर माहौल देने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
ममता बनर्जी के दावों पर प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयानों को दिलीप घोष ने भावनात्मक माहौल बनाने और सहानुभूति हासिल करने का प्रयास बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में हत्या, प्रताड़ना, सिंडिकेट राज और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी घटनाएं सामने आई थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष को अपनी बात रखने से नहीं रोका जा रहा है, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी राय रखने का अधिकार है।
इनपुट: IANS



