छात्रा आकृति चौधरी पर NSA मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी यूपी सरकार
उत्तर प्रदेश सरकार, छात्रा और एक्टिविस्ट आकृति चौधरी के ऊपर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। समाचार…
उत्तर प्रदेश सरकार, छात्रा और एक्टिविस्ट आकृति चौधरी के ऊपर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ को सूचित किया है कि राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी।
यह मामला नोएडा में हुए एक श्रमिक प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें आकृति की कथित भूमिका को लेकर उन पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई को रद्द कर दिया था।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में न केवल आकृति चौधरी की एनएसए के तहत हिरासत को रद्द किया, बल्कि राज्य सरकार को उन्हें 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि यह मुआवजा राशि उन अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए जो इस हिरासत के लिए जिम्मेदार थे। इनमें गौतमबुद्ध नगर की तत्कालीन डीएम मेधा रूपम और अन्य अधिकारी शामिल हैं।
न्यायालय ने प्रशासन की कार्रवाई को "उपहास के योग्य" करार देते हुए हिरासत के आधार को अनुमान पर आधारित और सबूतों के अभाव वाला पाया था। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड में अपनी नाराजगी दर्ज करने का भी निर्देश दिया था। अब यूपी सरकार हाईकोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर रही है।
कौन हैं आकृति चौधरी?
आकृति चौधरी मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलतराम कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री ली है और वर्तमान में डीयू से ही कानून की पढ़ाई कर रही हैं। वे अपने कॉलेज के दिनों से ही एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रही हैं। उनका नाम तब सामने आया था जब कुछ महीने पहले नोएडा में 40,000 से अधिक मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।
इनपुट: IANS



