Advertising
Home Top stories देवप्रयाग हादसा, 10 किमी दूर मिला ज्योत्सना का शव: इंजीनियर को...
Advertising
<

देवप्रयाग हादसा, 10 किमी दूर मिला ज्योत्सना का शव: इंजीनियर को ढूंढ रही SDRF टीम को मिली सफलता, मां और बहन की तलाश जारी – Jaisalmer News

4
देवप्रयाग हादसा, 10 किमी दूर मिला ज्योत्सना का शव:  इंजीनियर को ढूंढ रही SDRF टीम को मिली सफलता, मां और बहन की तलाश जारी – Jaisalmer News

देवप्रयाग हादसा, 10 किमी दूर मिला ज्योत्सना का शव: इंजीनियर को ढूंढ रही SDRF टीम को मिली सफलता, मां और बहन की तलाश जारी – Jaisalmer News

उत्तराखंड के देवप्रयाग में बीते मंगलवार (2 जून) को हुए भीषण इनोवा कार हादसे के बाद से लापता तीन यात्रियों में से एक, 16 वर्षीय ज्योत्सना परिहार का शव रविवार को बरामद कर लिया गया है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगा दर्शन होटल के पास अनियंत्

.

दरअसल, टीम वहां शनिवार को गंगा में बहे गाजियाबाद के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तलाश कर रही थी, तभी उन्हें ज्योत्सना का शव मिला, जिसे शिनाख्त के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

इस दर्दनाक हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कार सवार एक 12 वर्षीय मासूम आयुष्मान गंभीर रूप से घायल है, जिसको ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, हादसे में लापता ज्योत्सना की मां गुड्डी देवी और बहन नम्रता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिनकी खोज में नदी में लगातार व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है।

ज्योत्सना के शव को नदी से निकालकर ले जाती SDRF की टीम।

गाजियाबाद के इंजीनियर की तलाश के दौरान मिला शव

Advertising

ऋषिकेश के कौड़ियाला के पास शनिवार को एक और अन्य हादसा हुआ था, जहां गंगा नदी में स्नान के दौरान गाजियाबाद का एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया था। रविवार को एसडीआरएफ की दूसरी टीम इस लापता इंजीनियर की खोज में गहन सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान टीम को नदी के तेज बहाव के बीच एक युवती का शव तैरता हुआ दिखाई दिया।

जब टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला और स्थानीय प्रशासन व पूर्व के हादसे के परिजनों से संपर्क किया, तो उसकी शिनाख्त देवप्रयाग हादसे में लापता हुई ज्योत्सना (16) पुत्री हरीश परिहार के रूप में हुई। पुलिस और प्रशासन ने आवश्यक कानूनी और पंचनामे की कार्रवाई पूरी कर शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

2 जून को हुआ था भीषण हादसा, कार में सवार थे यात्री

यह दर्दनाक सड़क दुर्घटना बीती 2 जून, मंगलवार को टिहरी जनपद के देवप्रयाग स्थित गंगा दर्शन होटल के पास पेश आई थी। बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार इनोवा कार अचानक अनियंत्रित हो गई और देखते ही देखते खाई को पार करते हुए सीधे उफनती गंगा नदी में समा गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया था। दुर्घटना के पहले ही दिन रेस्क्यू टीम ने नदी से कार के चालक समेत चार शव बरामद कर लिए थे, जबकि तीन यात्री लापता घोषित किए गए थे। रविवार को ज्योत्सना का शव मिलने के बाद इस भीषण हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई है।

आयुष्मान का ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में इलाज जारी है।

एक मासूम अस्पताल में भर्ती, मां-बेटी की तलाश जारी

इस पूरी भयावह घटना में केवल एक 12 वर्षीय बच्चे आयुष्मान को ही स्थानीय लोगों और बचाव दल की मुस्तैदी से समय रहते सुरक्षित निकाला जा सका था। घायल मासूम को तत्काल इलाज के लिए श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया, जहां उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति स्थिर है। वहीं अन्य शवों का हरिद्वार में ही परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।

एसडीआरएफ के अधिकारियों के मुताबिक, ज्योत्सना का शव मिलने के बाद भी उसकी मां गुड्डी परिहार और बहन नम्रता अभी भी लापता हैं। गंगा नदी के अत्यधिक वेग और मटमैले पानी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन टीम पूरी मुस्तैदी के साथ दोनों लापता महिलाओं को खोजने के लिए नदी के अलग-अलग डेंजर ज़ोन में लगातार तलाशी अभियान चला रही है।

राजस्थान की और समाचार देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Rajasthan News

Advertising