Advertising
Home Top stories भाषणों में बजट की कमी नहीं: लालगढ़ आरओबी के लिए अब...
Advertising
<

भाषणों में बजट की कमी नहीं: लालगढ़ आरओबी के लिए अब बजट नहीं पवनपुरी के लिए 10 करोड़ रुपए कम पड़े – Bikaner News

0
भाषणों में बजट की कमी नहीं:  लालगढ़ आरओबी के लिए अब बजट नहीं पवनपुरी के लिए 10 करोड़ रुपए कम पड़े – Bikaner News

भाषणों में बजट की कमी नहीं: लालगढ़ आरओबी के लिए अब बजट नहीं पवनपुरी के लिए 10 करोड़ रुपए कम पड़े – Bikaner News

मुख्यमंत्री या सरकार के किसी मंत्री का भाषण सुन लो। सबके पास एक कॉमन लाइन है कि बजट की कमी नहीं है। मगर हकीकत कुछ अलग ही है। 2017 से बन रहे लालगढ़ आरओबी के लिए 37 करोड़ का टेंडर किया। आधा-आधा रेलवे-रुडसिको (राजस्थान शहरी पेयजल, सीवरेज और अवसंरचना निग

.

पवनपुरी आरओबी में 42 का प्रोजेक्ट था। 54 करोड़ का एस्टीमेट बना। बढ़ी हुई 10 करोड़ रकम की फाइल पेंडिंग। म्यूजियम सर्किल पर आरओबी का अब तक डीपीआर ही तैयार नहीं। ये हालात सरकार के आ​​र्थिक हालात का बयां कर रहे हैं या इच्छा शक्ति का। जनता के बीच जब भी सत्ता से जुड़े नेता जाते हैं हर जगह एक ही बात सुनने को मिलती है कि बजट की कमी नहीं।

मंत्री मुख्यमंत्री की ये कहते तारीफ करते रहते हैं कि सीएम ने पिटारा खोल दिया। बीकानेर के कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा अक्सर यही बात दोहराते हैं मगर बीकानेर में लालगढ़,पवनपुरी समेत तमाम ऐसे उदाहरण है जो बजट की कमी से अटके हैं। कलेक्टर से लेकर आरएसआरडीसी भी बजट मांगते-मांगते थक गए मगर बजट अप्राप्त है। इसी वजह से लालगढ़ ओवरब्रिज का जो उदघाटन दिसंबर में प्रस्तावित था वो अब फरवरी तक भी हो जाए तो गनीमत है। प्रदेश के चुनिंदा आरओबी में अब शामिल हो जाएगा जो करीब 8 साल में भी पूरा नहीं हुआ।

लालगढ़ आरओबी : रेलवे ने दो करोड़ दिए, रुडसिको ने कुछ नहीं 37 करोड़ का टेंडर हुआ था। 50 प्रतिशत रेलवे और 50 प्रतिशत रुडसिको देना था। ठेकेदार ने करीब 11 करोड़ का काम कर दिया। बिना भुगतान के अधिकारी उस पर काम करने के लिए दबाव बना रहे हैं। रेलवे ने अब तक 18.50 करोड़ में से 2 करोड़ दिए भी मगर रुडसिको ने एक रुपए तक नहीं दिया। आरएसआरडीसी टोल से आए पैसे से कुछ तो भुगतान ठेकेदार को कर चुका मगर पैसे ना होने से काम धीमा हो गया। ठेकेदार का धैर्य जवाब दे रहा है। अधिकारियों के दबाव में बस काम बंद नहीं हो रहा।

म्यूजियम सर्किल की डीपीआर ही नहीं म्यूजियम सर्किल पर सीएम ने आरओबी बनाने की मंशा जताई है। उससे पहले उसका सर्वे होना है कि आखिर यहां क्या प्लान हो। म्यूजियम सर्किल से पीबीएम और जयपुर रोड जाने के लिए कैसे दोनों ओर के ट्रैफि​क को रास्ता आरओबी से मिल सके। जयपुर से आते वक्त क्या आरओबी से ही दीनदयाल सर्किल के लिए रास्ता मिलेगा। सर्वे के बाद इसकी डीपीआर बननी थी। डीपीआर में प्रस्तावित बजट भी बताया जाएगा। एक मोटे अनुमान में 100 करोड़ से ऊपर आ खर्चा आएगा।

Advertising

मगर हैरानी की बात है कि एक साल में अब तक ना सर्वे हुआ और ना ही डीपीआर बनी। अगले बजट तक अगर सीएम के पास इसकी डीपीआर नहीं पहुंची तो बजट में इसका प्रावधान नहीं होगा। म्यूजियम सर्किल पर अब जाम लगने लगा है। पीबीएम साइड जाने वाले वाहन पूरा रोड घेर लेते हैं और सीधे जयपुर रोड जाने वालों को रास्ता नहीं मिलता। पुलिस वालों को इसकी चिंता नहीं रहती जबकि यहां सबसे बड़ा ट्रेफिक पुलिसकर्मियों का जमावड़ा होता है।

पवनपुरी आरओबी फाइल 3 माह से इंतजार में पवनपुरी आरओबी मुख्यमंत्री की बजट घोषणा है। प्रभारी मंत्री से लेकर ​तमाम नेता मुख्यमंत्री बजट घोषणा की समीक्षा करते हैं। समीक्षा में बजट की कोई बात नहीं करता। बिना बजट के ही अधिकारियों पर घोषणा पूरी होने का दबाव डाला जा रहा है। यहां सीएम ने 42 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। जब डीपीआर बनी तो 54 करोड़ लागत आई।

अतिरिक्त 12 करोड़ रुपए की फाइल वित्त विभाग और अन्य विभागों के पास गई मगर वहां से कोई रिस्पांस नहीं। फाइल धूल फांक रही है। सरकार के रवैये से लगता है कि इस आरओबी के हालात भी लालगढ़ जैसे ना हो जाए जिसे पूरा होने में फिर 8-10 साल लग जाएं। हैरान करने वाली बात ये है कि जिस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री विधानसभा में मंजूरी देते हैं उस प्रोजेक्ट की फाइल को जयपुर में अधिकारी दबाकर बैठ जाते हैं। उस पर निर्णय ना होने से छवि सरकार की खराब हो रही है।

राजस्थान की और समाचार देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Rajasthan News

Advertising