2019 क्रिकेट वर्ल्ड कप में मंगलवार को भारत ने बांग्लादेश को हराया। इसी बीच खबर आ रही है मध्यक्रम के बल्लेबाज़ अम्बाती रायडू ने क्रिकेट के तीनों फार्मेट से सन्यास ले लिया है। गौरतलब है कि रायडू वर्ल्ड कप टीम में न चुने जाने से खफा थे।
आपको बता दें कि जब वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की घोषणा हुई तो अम्बाती रायडू और ऋषभ पंत को जगह नहीं दी गयी थी। इनके स्थान पर क्रमशः विजय शंकर और केएल राहुल को मौका दिया गया। हालांकि बाद ओपनर शिखर धवन के चोटिल होने के बाद ऋषभ पंत को टीम में जगह दी गयी।
टीम चुने जाने के बाद सेलेक्टर्स ने ऋषभ पंत और अम्बाती रायडू को बैकअप के लिए रखा था। सबसे बड़ी खबर ये है अम्बाती को बैकअप पर रखने के बावजूद विजय शंकर के चोटिल होने पर मयंक अग्रवाल को मौका दिया गया। जबकि मयंक अग्रवाल ने अभी तक अपना वनडे डेब्यू नहीं किया है।
BCCI का अम्बाती की जगह मयंक अग्रवाल को लेना सभी को अखर रहा है। सोशल मीडिया पर लोग BCCI पर फेवरटिज्म का आरोप लगा रहें हैं। लोगों के मुताबिक केएल राहुल को ख़राब फॉर्म के बावजूद टीम में जगह दी गयी जबकि अम्बाती रायडू की हालिया फॉर्म को नज़रअंदाज किया गया।
ज्ञात हों अम्बाती रायडू ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ शानदार 90 रन की शानदार पारी खेली थी। उसी सीरीज में शंकर ने एक मैच में 44 रनो की पारी खेल दी थी इस वजह से उन्हें वर्ल्ड कप टीम में जगह मिल गयी।
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आपको बता दें कि वर्ल्ड कप टीम में न चुने जाने पर रायडू ने सेलेक्टर्स पर व्यंग करते हुए एक ट्वीट किया था, जो काफी वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर लोग उस ट्वीट के स्क्रीनशॉट को शेयर कर रहे है। लोगो का मानना है इसी ट्वीट की वजह से सेलेक्टर्स ने उन्हें नज़रअंदाज किया। मामला चाहे कुछ भी अम्बाती रायडू का इस तरह से वर्ल्ड कप के बीच में सन्यास लेना जरूर BCCI को जगा सकता है।
आइसलैंड से नागरिकता के पेशकश:
ख़बरों के मुताबिक कहा जा रहा है आइसलैंड ने रायडू को वहाँ की नागरिकता देने का वादा किया है, जिससे वह आइसलैंड की तरफ से खेल सके। इसी खबर को आधार बना के लोग कह रहें हैं कि रायडू ने सेलेक्टर्स के रवैये और आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड के ऑफर की वजह से सन्यास लिया।











