केन्द्र में दोबारा सरकार बनने के बाद से ही मोदी सरकार एक्शन के मूड में लग रही है। सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। दरअसल, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की 8वीं पास होने की शर्त को ख़त्म कर दिया गया है। अब लाइसेंस बनवाने के लिए 8वीं पास होने की ज़रूरत नहीं है। सरकार के इस बदलाव का असर 22 लाख नौकरियों पर पड़ेगा।
प्रचंड बहुमत से जीतकर वापस सत्ता में आई भाजपा नेतृत्व में मोदी सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की शर्तों में बड़ा बदलाव कर लोगों को राहत दी है। दरअसल, केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी देते हुए बताया है कि सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ज़रूरी आठवीं तक की न्यूनतम शिक्षा की शर्त को खत्म कर दिया है। यानी अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए किसी भी व्यक्ति को आठवीं पास होना जरूरी नहीं है। पहले केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 8 के तहत ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कक्षा 8 पास होने ज़रूरी था।
केन्द्रीय मंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘’समाज के कम पढ़े-लिखे और गरीब लोग ड्राइविंग से रोजगार की सम्भावना तलाशते हैं। सरकार ने आठवी तक की पढ़ाई की अनिवार्यता हटा दी है जिससे उनकी पढ़ाई के कारण रोजगार न रुके। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी 22 लाख से अधिक ड्राइवरों की कमी है, इससे लाखों जिंदगीयां बेहतर हो सकती हैं’’।
















