शुक्रवार को बिहार के दरभंगा में एक हत्या हुई थी. शुरुवाती जानकारी में बताया गया कि ये हत्या एक चौक का नाम ‘मोदी चौक’ रखने के कारण के कारण हुई. जिस व्यक्ति ने जगह का नाम रखा था वो एक भाजपा कार्यकर्ता था और उसके इस कृत्य की वजह से उसे मार दिया गया. लेकिन शाम होते-होते इस हत्याकांड में कई सनसनीखेज़ खुलासे हुए जिसने सारे समीकरण को बदल कर रख दिया.
मोदी जी नहीं कुछ और है हत्या का कारण
इस खबर की सच्चाई है कि ये मामला ज़मीन विवाद का है और इसी वजह से यह हत्या हुई है. इस मामले में बीजेपी नेता तेजनारायण यादव के पिता रामचंद्र यादव की हत्या हुई. दरभंगा पुलिस अधीक्षक ने खुद इस बात का खंडन किया है. पुलिस ने इस मामले की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि यह मामला भूमि-विवाद का है. बता दें कि कल खबर ये चली थी कि मोदी चौक नाम रखने की वजह से कुछ लोगों ने बीजेपी नेता कमलदेव उर्फ भोला यादव के पिता रामचंद्र यादव की तलवार से हत्या कर दी थी. मृतक रामचंद्र के बेटे और भोला यादव के भाई तेज नारायण यादव पंचायत स्तर के नेता हैं.
दरभंगा पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ती में बताया गया है कि, ‘यह स्पष्ट हो चुका है कि मृतक के बेटे और बीजेपी नेता कमलदेव और तेज नारायण यादव का आरोपी कमलेश यादव के साथ पहले से ही घरारी ज़मीन को लेकर विवाद चल रहा था और दिलीप पासी नाम के शख्स से उसकी पहले से ही दुश्मनी थी.’ पुलिस की यह विज्ञप्ती तेजनारायण यादव की पत्नी सुशीला देवी के बयान के आधार पर है.
कीर्ति आज़ाद हुए नाराज़
भूमि विवाद की वजह से बीजेपी नेता के पिता की हत्या को लेकर सांसद और बीजेपी से निलंबित नेता कीर्ति आज़ाद ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है. दरभंगा से बीजेपी के निलंबित सांसद कीर्ति आज़ाद ने ध्रुवीकरण को लेकर बीजेपी को नसीहत दी है और कहा है कि मां सीता की धरती पर ऐसे काम न करें. उन्होंने ट्वीट के ज़रिये बीजेपी चीफ अमित शाह पर भी करार हमला बोला है.
कीर्ती आज़ाद ने कहा भूमि विवाद सांप्रदायिक नहीं है. अमित शाह जी आपने मुझे भ्रष्टाचार उजागर करने की वजह से निलंबित किया. हम मिथिलांचलवासी शांति प्रिय लोग हैं. नरेंद्र मोदी भाई कृपया मदद करें. आपसे प्रथना है कि इन विभाजनकारी ताक़तों को रोकें.
दिलचस्प बात ये है कि इससे पहले बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने भी ट्वीट कर इस बात से इनकार किया कि मोदी चौक नाम रखने की वजह से ही बीजेपी नेता के पिता की हत्या हुई. उन्होंने भी कहा कि यह घटना ज़मीन विवाद की वजह से हुई.
बहु के बयान पर पुष्टि
बताते चलें कि रामचंद्र यादव की बहू और तेजनारायण यादव की पत्नी सुशील ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि इनके ससुर रामचंद्र यादव और देवर भोला यादव उर्फ कमलदेव यादव को दिलीप पासी और कमलेश यादव ने अपने आदमियों को भेजकर हमला करवाया और ससुर को मरवा दिया. पुलिस विज्ञप्ती के अनुसार, अभियुक्त कमलेश यादव के साथ मृतक के परिवार का काफी समय से घरारी ज़मीन को लेकर झगड़ा चल रहा था और दिलीप पासी से पहले से ही दुश्मनी थी.
पुलिस के अनुसंधान के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने दिलीप पासी, कमलदेव यादव और उसके भाई रामसेवक यादव को हिरासत में लिया है. पुलिस के अनुसंधान में घायल भोला यादव उर्फ कमलदेव यादव ने बयान दिया कि कमलेश यादव एवं उसके परिवार के साथ पहले से ही जमीन का विवाद चल रहा था और उन्हीं लोगों के द्वारा साजिश करके कुछ अज्ञात हमलावरों को भेजकर घटना कराई गई.












