सेमीकॉन इंडिया 2026: भारत में 68 जापानी कंपनियां दे रही हैं मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च योजनाओं को अंतिम रूप
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को एक बड़ी सफलता मिलती दिख रही है, क्योंकि दुनिया भर की कंपनियां देश में निवेश और उत्पादन के लिए आगे आ रही हैं। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी…
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को एक बड़ी सफलता मिलती दिख रही है, क्योंकि दुनिया भर की कंपनियां देश में निवेश और उत्पादन के लिए आगे आ रही हैं। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि सेमीकॉन इंडिया 2026 कार्यक्रम में 68 जापानी कंपनियां भारत में अपनी विनिर्माण और शोध योजनाओं को अंतिम रूप दे रही हैं।
मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में वैष्णव ने कहा कि यह आयोजन वैश्विक स्तर पर ध्यान खींच रहा है, जिसमें 30 से अधिक देश हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने जापानी पवेलियन का दौरा करने के बाद कहा, "अभी हम जापानी पवेलियन में हैं और यहां 68 जापानी कंपनियां हैं और भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च प्लान और साझेदारों को लेकर योजनाओं को अंतिम रूप दे रही हैं।"
युवाओं के लिए अवसर और स्वदेशी चिप
केंद्रीय मंत्री ने इस कार्यक्रम को लेकर युवाओं में दिख रहे उत्साह पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल से देश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में उच्च-कौशल वाले रोजगार पैदा हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने एनआईटी राउरकेला, ओडिशा के छात्रों द्वारा विकसित एक सेमीकंडक्टर चिप को मीडिया के सामने प्रदर्शित करते हुए खुशी जताई।
वैष्णव ने जानकारी दी कि यह चिप भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के 'टैलेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम' के तहत विकसित की गई है और छात्रों ने इस पर प्रधानमंत्री के सामने एक बहुत अच्छी प्रस्तुति भी दी है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने की सराहना
एनआईटी राउरकेला की इस उपलब्धि पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी गर्व व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि सेमीकॉन में 'मेड-इन-इंडिया' चिप्स के बीच एनआईटी राउरकेला के स्वदेशी डिजाइन को देखना हर ओडिया के लिए गर्व का क्षण है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के समर्पित प्रयासों से, भारत एक मजबूत और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।" मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और एनआईटी राउरकेला की पूरी टीम को बधाई दी।
इनपुट: IANS



