Advertising
Home Top stories 55 किमी लंबे कांवरिया पथ में कहीं भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं; कच्ची...
Advertising
<

55 किमी लंबे कांवरिया पथ में कहीं भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं; कच्ची सड़क पर बालू नहीं, रास्ते में कंकड़-पत्थर – Banka News

3
55 किमी लंबे कांवरिया पथ में कहीं भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं; कच्ची सड़क पर बालू नहीं, रास्ते में कंकड़-पत्थर – Banka News

55 किमी लंबे कांवरिया पथ में कहीं भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं; कच्ची सड़क पर बालू नहीं, रास्ते में कंकड़-पत्थर – Banka News

.

11 जुलाई से श्रावणी मेला शुरू हो रहा है। लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर पैदल एवं वाहन से देवघर जाएंगे, लेकिन बांका जिले के 55 किलोमीटर लंबे श्रावणी मेला मार्ग में कहीं भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। इस दिशा में अब तक प्रशासन ने कोई काम भी शुरू नहीं किया है। कांवरिया पथ बदहाल है। ज्यादातर जगहों पर बालू बह गया है। शेल्टर के पास रेनकट बन गए हैं। रास्ते में बड़े-बड़े कंकड़ निकल आए हैं। शौचालय की स्थिति बदहाल है। नल से टोटी गायब है।

श्रावणी मार्ग में जिला प्रशासन हर साल विशेष रूप से कच्चा कांवरिया पथ को सुगम बनाते हुए शौचालय एवं स्नानागार, पेयजल, निर्बाध बिजली, सरकारी धर्मशाला एवं पर्यटन विभाग के बने रैन बसेरा, कैफेटेरिया, वे साइड आदि सहित मूलभूत सुविधा श्रद्धालु उपलब्ध कराती है। अब मेला शुरू होने में 35 दिन शेष रह गए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई पहल नहीं हुई है। अबरखा में कच्चा कांवरिया पथ।

बुधवार को बेलहर सीमा क्षेत्र के कौआदह से इनारावरण तक लगभग 25 किलोमीटर कच्चा कांवरिया पथ की पड़ताल करने के दौरान कहीं भी कोई काम शुरू नहीं किया जा सका था। कच्चा कांवरिया पथ बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो चुका है और पथ पर मौजूद अधिकांश जगहों पर बालू बह चुका है। पथ पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। चिहुंटजोर रैन शेल्टर के पास रेनकट से पथ में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बड़े-बड़े कंकड़ उभर आए हैं। अबरखा धर्मशाला एवं बगल स्थित शौचालय साफ-सफाई के बिना बदहाल हालत में है। अबरखा धर्मशाला के पास कच्ची कांवरिया पथ के बीचों-बीच धर्मशाला से मुख्य मार्ग तक जाने वाली पीसीसी सड़क के नीचे की मिट्टी बारिश के पानी में बहने से पीसीसी के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इधर, टंगेश्वर स्थित मिनी कैफेटेरिया परिसर रखरखाव के अभाव में जंगल में बदल चुका है। संपूर्ण कैफेटेरिया परिसर झाड़ी, छोटे पेड़ और बड़े-बड़े घास से भरे हुए हैं। इसके अलावा चिहुंटजोर कैफेटेरिया, सुइया वे साइड, सुइया रैन शेल्टर, चिहुंटजोर रैन शेल्टर में अभी गंदगी पसरी है।

जल्द काम होगा शुरू ^जिले के वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर सारी तैयारियां जल्द ही प्रारंभ होगी। श्रावणी मेला प्रारंभ होने से पूर्व सरकार के द्वारा निर्देशित सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएगी। – कुमार सौरभ, बीडीओ, बेलहर

बेलहर के धौरी गांव स्थित कुमरसार नदी से जिलेबिया मोड़ तक 16 किलोमीटर की कच्चा कांवरिया पथ में सैकडों गड्ढे हो चुके हैं। पूर्व में कांवरिया पथ पर बिछाया गया गंगा का बालू वर्षा के पानी से बह चुका है। चापाकल खराब है तथा नल-जल का स्टैंड भी खराब हो चुका है। बिजली का तार पेड़ों से ढका है, जिससे अनहोनी होने की संभावना बनी रहती है। चालू पड़े चापाकल के चबूतरा में काफी कीचड़ जमा है।

Advertising

बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Bihar News

Advertising