1600 लोगों को हिरासत में लिया, दिल्ली के प्रगति मैदान में लूट कांड का दिल्ली पुलिस ने कैसे किया खुलासा h3>
1600 को हिरासत में लिया,ऐसे एक्टिव हुई दिल्ली पुलिस
दिल्ली के प्रगति मैदान टनल में व्यापारी से हुई लूट के बाद राजधानी में लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे थे। दिल्ली पुलिस इसे चैलेंज मानते हुए लूट के दूसरे दिन ही एक्टिव मोड में आ गई। लूट के दो दिन बाद दिल्ली पुलिस ने रात में पेट्रोलिंग शुरु की और तलाशी अभियान को और तेज कर दिया। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए बड़ी संख्या में जवानों की फौज को 15 जिलों में तैनात किया गया जिससे लुटेरों की संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक गितिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने बताया कि 7 आरोपियों को पकड़ने के लिए 1600 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके साथ 2000 वाहनों को भी जब्त किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सभी 1600 आरोपियों को सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत हिरासत में लिया गया था। यही नहीं दो पुलिस कमिश्नर दीपेंद्र पाठक और सागर प्रीत हुड्डा की निगरानी में स्पेशल ड्राइव का भी संचालन किया गया था। लूट की वारदात के बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के प्रमुख स्थानों लाल किला, प्रगति मैदान टनल, मेन रोड और बॉर्डर एरिया पर भी कड़ी चेकिंग की थी।
खंगाले गए 350 सीसीटीवी
दिल्ली पुलिस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने 48 घंटों के अंदर वारदात से जुड़े 350 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। यह सभी सीसीटीवी कैमरे प्रगति मैदान की ओर जाने वाले रूट में इंस्टाल किए गए हैं। हालांकि, चेहरे पर हेलमेट पहने होने के चलते पुलिस उनका चेहरा नहीं देख पाई। दिल्ली पुलिस ने इसके बाद पीड़ित जो पेशे से डिलेवरी एजेंट है, उसकी कंपनी के कर्मचारियों और उससे जुडे़ लोगों से भी पूछताछ की गई। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बताया कि हमें पता चला कि इस लूट के मामले में 6 लोगों का हाथ है। हालांकि लूट के दौरान 4 लोग ही दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि पीड़ित के पास बहुत सारा पैसा था। बता दें कि पुलिस ने लुटेरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 397(लूट या डकैती और हत्या का प्रयास) लगाई गई है।




