Advertising
Home Top stories हिमाचल BJP नेताओं की टिप्पणी पर भड़के सिख: चीमा-कीमा नारे पर...
Advertising
<

हिमाचल BJP नेताओं की टिप्पणी पर भड़के सिख: चीमा-कीमा नारे पर जताई आपत्ति, जयराम-बिंदल ने दी सफाई; 5 प्वाइंट में समझें पूरा विवाद – Nahan News

23
हिमाचल BJP नेताओं की टिप्पणी पर भड़के सिख:  चीमा-कीमा नारे पर जताई आपत्ति, जयराम-बिंदल ने दी सफाई; 5 प्वाइंट में समझें पूरा विवाद – Nahan News

हिमाचल BJP नेताओं की टिप्पणी पर भड़के सिख: चीमा-कीमा नारे पर जताई आपत्ति, जयराम-बिंदल ने दी सफाई; 5 प्वाइंट में समझें पूरा विवाद – Nahan News

पांंवटा साहिब के रामलीला मैदान में जनसभा के दौरान भाजपा नेता

हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में भाजपा के प्रदर्शन पर सिख समुदाय भड़क गया है। BJP ने बीते कल पांवटा साहिब में प्रदर्शन के दौरान चीमा कीमा नहीं चलेंगे नारे लगाए थे। इसका असर सिख समुदाय की भावनाओं पर पड़ा है।

.

सिख समुदाय की तीखी प्रतिक्रिया आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने अपने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आकर सफाई दी। राजीव बिंदल ने लिखा, ‘मेरे व्यवहार से किसी सिख बंधु को ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं।’

जयराम ठाकुर ने लिखा, मैंने पांवटा साहिब में आयोजित जनसभा में किसी भी समुदाय विशेष के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। मेरी गुरु गोविंद सिंह जी के प्रति अगाध श्रद्धा है और सिख धर्म के प्रति बहुत सम्मान है। किसी की भावना को आहत करने की मेरी कोई भी मंशा नहीं थी। मेरी बात को गलत न लिया जाए।

सिख समुदाय ने दी चेतावनी

Advertising

बता दें कि बीजेपी ने चीमा कीमा नहीं चलेंगे नारा कथित तौर पर पांवटा साहिब के SDM गुंजित सिंह चीमा के खिलाफ लगाया था। इसके बाद सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने पांवटा साहिब गुरुद्वारा परिसर में एकत्र होकर तीखी प्रतिक्रिया दी।

साथ ही चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर जयराम ठाकुर और भाजपा कार्यकर्ता, सिख समुदाय की एक बहुत बड़ी कौम का अपमान करने पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो सिख समुदाय चुप नहीं बैठेगा। सिख समुदाय के लोगों ने भाजपा पर दंगे भड़काने के आरोप लगाए।

5 प्वाइंट में समझें कैसे भड़का मामला

  1. दरअसल, पांवटा साहिब के माजरे क्षेत्र में डेढ़ सप्ताह पहले एक हिंदू नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप विशेष समुदाय के लोगों पर लगे थे। इसके बाद लड़की के परिजनों ने पांवटा साहिब के माजरा थाना में FIR कराई। पुलिस ने तलाश की लेकिन एक सप्ताह तक पता नहीं चला।
  2. 13 जून को स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी और राजीव बिंदल की मौजूदगी में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उस लड़के के घर पर भी पथराव किया, जिस पर लड़की को भगाने के आरोप लगे थे। इस दौरान एक एएसआई समेत 7 लोग घायल हो गए थे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में भी हल्की झड़प हुई। उस दौरान पांवटा साहिब के एसडीएम गुंजित सिंह चीमा के हाथ में डंडा देखा गया। इस पर राजीव बिंदल ने उन्हें व्यवहार सुधारने की नसीहत दे डाली थी और दोनों में बहस हो गई थी।
  3. 13 जून की रात को पुलिस ने राजीव बिंदल और पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकद्दमा दर्ज किया, क्योंकि पथराव की घटना में कई लोग घायल हो गए थे।
  4. 14 जून को पुलिस ने नाबालिग लड़की बरामद की। लड़की ने कोर्ट में बयान दिया, उसे जबरदस्ती अगवा नहीं किया गया था। वह खुद अपनी मर्जी से गई थी।
  5. बीते कल बीजेपी ने पांवटा साहिब के रामलीला मैदान में भाजपा नेताओं पर एफआईआर के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान चीमा-कीमा नहीं चलेंगे। यह बात नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी अपने भाषण के दौरान कही।

पांवटा साहिब में सिख समुदाय के लोग चीमा कीमा नारे पर आपत्ति जताने के लिए इकट्ठे हुए

CM व पुलिस से कार्रवाई की मांग

सिख समुदाय के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चीमा केवल एक अधिकारी का नाम नहीं है। यह सिख समाज की एक प्रतिष्ठित पहचान है। इसे लेकर सिख समुदाय चुप नहीं बैठेगा। इस प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी और नारेबाजी, चीमा कीमा कहने से पूरे समुदाय की भावनाएं आहत हैं। सिख समुदाय ने मुख्यमंत्री, प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि नारेबाजी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

पंजाब की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Punjab News

Advertising