Advertising
Home Top stories सीएम हाउस के पत्र पर सतना के नेताओं में नाराजगी: मुकुंदपुर...
Advertising
<

सीएम हाउस के पत्र पर सतना के नेताओं में नाराजगी: मुकुंदपुर टाइगर सफारी को रीवा जिले में शामिल करने की साजिश, डिप्टी सीएम निशाने पर – Bhopal News

0
सीएम हाउस के पत्र पर सतना के नेताओं में नाराजगी:  मुकुंदपुर टाइगर सफारी को रीवा जिले में शामिल करने की साजिश, डिप्टी सीएम निशाने पर – Bhopal News

सीएम हाउस के पत्र पर सतना के नेताओं में नाराजगी: मुकुंदपुर टाइगर सफारी को रीवा जिले में शामिल करने की साजिश, डिप्टी सीएम निशाने पर – Bhopal News

मुकंदपुर टाइगर सफाई को लेकर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र कुमार शुक्ल विंध्य के सतना जिले के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। इसको लेकर सतना के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। यह पूरा मामला अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र और मैहर जिले की 6 पंचायतों ( मुकुन्दपुर, धोबहट

.

जिसको लेकर अमरपाटन विधायक राजेंद्र कुमार सिंह और सतना सांसद गणेश सिंह ने विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भी लिखा है। राजेंद्र कुमार सिंह ने तो इसको लेकर कांग्रेस के नेताओं को संगठित होकर विरोध करने का आह्वान फेसबुक के जरिए किया है।

उन्होंने साफ लिखा है कि यह कुत्सित प्रयास रीवा जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा शुरू किया गया प्रतीत होता है। सतना सांसद गणेश सिंह और पूर्व मंत्री रामखेलावन शुक्ल ने भी इसका विरोध किया है।

राजेंद्र सिंह ने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाए

दरअसल सीएम हाउस से एक पत्र मैहर कलेक्टर को भेजा गया। जिसमें मैहर जिले की पांच पंचायतों को प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के परिसीमन के जरिए रीवा जिले में शामिल कराने के मामले में कलेक्टर से अभिमत मांगा गया। इसके बाद कलेक्टर ने एडीएम के माध्यम से संबंधित राजस्व अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) से अभिमत मांगा है।

Advertising

इसी मामले में अब राजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर लिखा है कि राजेंद्र कुमार शुक्ल का मुख्य लक्ष्य तो उनका वाइट टाइगर सफारी है। लेकिन उसे आवरण से ढकने के लिए मुकुन्दपुर के साथ-साथ 5 अन्य पंचायतों को रीवा में जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसमें घोर चालाकी की गई है।

सिंह ने लिखा है कि विधानसभा सत्र 8 अगस्त 2025 तक चलना था लेकिन जब अध्यक्ष ने 6 अगस्त 2025 को ही समाप्त घोषित कर दिया तो अगले दिन यानि 7 अगस्त 2025 को यह विवादित पत्र कलेक्टर मैहर ने एडीएम के माध्यम से जारी करा दिया ताकि विधानसभा में इसे उठाने से अमरपाटन विधायक वंचित रह जाएं।

यह लड़ाई अमरपाटन क्षेत्र के सभी नागरिकों की है और यह हमारे सामने एक चुनौती दी गई है। जिसे हम सब को विशेष कर युवाओं को स्वीकार करना होगी। इसमें सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, एनजीओ, किसान संगठन, व्यापारी संगठन, अमरपाटन एवं रामनगर अधिवक्ता परिषद् इत्यादि सब को मिल कर संघर्ष करना है।

मैहर जेल भरने का दिया प्रस्ताव

सिंह ने लिखा है कि मेरा प्रस्ताव है कि अमरपाटन अधिवक्ता परिषद् समन्वयक का कार्य करे और हम लोग गांधीवादी तरीके से, कानून का सम्मान करते हुए विरोध स्वरूप मैहर जेल को भर दें। मेरा प्रस्ताव है कि प्रथम चरण में 1000 सत्याग्रही रजिस्टर कराए और नियत तिथि में हम सब जेल चलें। पहले ही सरकार ने अमरपाटन के साथ कई अन्याय किए हैं, जैसे मौहारी कटरा राजस्व परिक्षेत्र को अमरपाटन तहसील से काट कर रामपुर बघेलान में जोड़ दिया गया।

अमरपाटन की जनता की इच्छा के विपरीत सतना से अलग कर मैहर जिले में शामिल करना, मैहर जिले के प्रशासनिक मुख्यालय भवनों को अमरपाटन से और दूर मैहर के आगे कटनी रोड के ग्राम पोंड़ी में मंजूर करने का काम किया गया है। जबकि इसे अमरपाटन- मैहर की बीच बनाया जाना चाहिए और अब मुकुन्दपुर सफारी के साथ 6 पंचायतों को रीवा जिले में मिलाने का प्रस्ताव किया गया है।

सिंह ने लिखा है कि हम सब प्रयास करें कि ये सभी 6 ग्रामों की ग्राम सभाएं इसके विरोध में प्रस्ताव पारित करें। ध्यान देने योग्य है कि SDM से लेकर अन्य अधिकारी पंचायतों पर इसे अनुमोदित करने का भारी दबाव बनाएंगे और हमारे बीच के कुछ जयचंद्रो और मीर जाफरों से भी सावधान रहना पड़ेगा।

बापू ने कहा था कि अन्याय करने से बड़ा अपराध अन्याय सहना है। क्या इस चुनौती को स्वीकार करने क्षेत्र का युवा तैयार है? अरे भाई मंदिर तो हम खूब जाते हैं लेकिन क्षेत्र के नौजवानों के हक और भविष्य की लड़ाई लड़ने के लिए हम जेल नहीं जाएंगे ? उन्होंंने लिखा है कि मैं विश्वास दिलाता हूं की इस संघर्ष में मैं आप के साथ अग्रिम पंक्ति में हमेशा रहूंगा। अरे, सुनो भाई टाइगर अभी जिन्दा है…।

पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि विंध्य की राजनीति में राजेंद्र शुक्ला का प्रादुर्भाव विंध्य के लिए अब हानिकारक साबित हो रहा है।

नारायण बोले- फ्लाईओवर बना ठेकेदारी कर लेने से विंध्य के लोगों का हित नहीं होता

दूसरी ओर पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि विंध्य की राजनीति में राजेंद्र शुक्ला का प्रादुर्भाव विंध्य के लिए अब हानिकारक साबित हो रहा है। अपने आप को विंध्य का विकास पुरुष कहलवाने की चाहत से ओत-प्रोत राजेंद्र शुक्ला ये बताएं कि तमाम महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बाद भी विंध्य को दिया क्या?

आखिर कौन सी ऐसी सौगात है। जिसके लिए राजेंद्र शुक्ला को याद किया जाएगा। फ्लाई ओवर बना ठेकेदारी कर लेने से विंध्य के लोगों का हित नहीं होता। राजेंद्र शुक्ला बताएं कि विंध्य में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कौन सा उद्योग खड़ा किया या कराया?, जिससे लोगों को रोजगार मिल सके, उनकी दशा और दिशा बदल सके। पूरे विंध्य में जो भी सक्षम दमदार नेता रहे उन्हें खत्म करने उनका अंत करने उन्हें क्षति पहुंचाने के अलावा किया क्या? सतना जिले के प्रभारी मंत्री रहे एक काम गिना दें। जिसके लिए लोग उन्हें याद करें।

त्रिपाठी ने कहा कि आज मैहर जिले की पहचान मुकुंदपुर को रीवा में ले जाने के लिए उसके साथ दस गांव और मैहर जिले से रीवा में ले जाने की घिनौनी रणनीति बना रहे है। जो प्रदर्शित करता है कि इनकी नीति और नीयत दोनों खराब है।

जब तक सतना जिले में मुकुंदपुर था। तब भी रीवा में कराने की जद्दोजहद करते रहे। त्रिपाठी ने कहा कि हमारा रीवा से कोई विरोध नहीं, हम तो रीवा को राजधानी बनाने की बात करते हैं। कोई ये न समझे कि मैं रीवा का विरोध कर रहा हूं। मैं राजेंद्र शुक्ला के नीति और नियत का विरोध करता हूं।

मध्यप्रदेश की और खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे – Madhya Pradesh News

Advertising