युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत, हत्या का आरोप h3>
युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत, हत्या का आरोप पूर्व मुखिया के पुत्र पर लग रहा हत्या का आरोप पुलिस ने कहा-पैर फिसलने से गिरा तालाब में, डूबकर गयी जान पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव में हुई घटना फोटो: हत्या-बिहारशरीफ सदर अस्पताल में सोमवार को पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के परिजन। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव में सोमवार की सुबह एक युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गयी। मृतक बकरा गांव निवासी बुंदेल केवट का 38 वर्षीय पुत्र अर्जुन केवट है। परिजन पूर्व मुखिया के पुत्र पर तालाब से मछली मारने के दौरान पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। युवक की मौत इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में हो गया। इधर, पुलिस का कहना है कि युवक फिसलकर तालाब में गिर गया। डूबने से उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने पुलिस के अलावा निजी अस्पताल के संचालक पर भी कई गंभीर आरोप लगाये हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। पूर्व मुखिया ने बुलाया था मछली मारने के लिए: अर्जुन के ससुर नंद केवट ने बताया कि रविवार को पूर्व मुखिया शिवनंदन प्रसाद ने उसे तालाब से मछली मारने के लिए चोरसुआ गांव बुलाया था। अर्जुन तालाब में घुसकर मछली मार रहा था। इसी बीच पूर्व मुखिया का पुत्र मनोज कुमार वहां पहुंचा और गाली देने लगा। उसने कहा कि तालाब से मछली क्यों मार रहे हो। अर्जुन ने कहा कि उसके पिता ने बुलाया है। इतना सुनते ही वह तालाब के पास पड़े लाठी से अर्जुन को मारने लगा। सिर पर चोट लगते ही वह बेहोश होकर तालाब में ही गिर गया। तालाब से निकालकर परिजनों को दी सूचना: इसके बाद मनोज ने अर्जुन को तालाब से बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी कि वह तालाब में डूब गया है। परिवार के लोग वहां पहुंचे तो शरीर पर पड़े जख्म को देखकर हत्या का आरोप लगाने लगे। उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने लगाया आरोप: परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के बाद थानाध्यक्ष ने कहा कि हत्या की एफआईआर करायी तो मुआवजा नहीं मिलेगा। डूबने से मौत की बात स्वीकार करने पर मुआवजा मिल जाएगा। वहीं, अस्पताल संचालक पर आरोप लगाया कि मौत के बाद शव देने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गयी। किसी तरह रुपये देने पर शव उन्हें दिया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि पूर्व मुखिया व उनके पुत्र की आपस में नहीं बनती है। इसी वजह से अर्जुन को पीटा गया। आरोप को बताया बेबुनियाद: थानाध्यक्ष नारदमुनी सिंह ने बताया कि परिजनों का आरोप बेबुनियाद है। अर्जुन अक्सर पूर्व मुखिया के तालाब में मछली मारता था। तालाब के किनारे काई जमी थी। उसी से फिसलकर युवक तालाब में गिर गया। उसके सिर में चोट लग गयी। परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। लिखित आवेदन मिलने पर एफआईआर की जाएगी।
बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Delhi News
युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत, हत्या का आरोप पूर्व मुखिया के पुत्र पर लग रहा हत्या का आरोप पुलिस ने कहा-पैर फिसलने से गिरा तालाब में, डूबकर गयी जान पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव में हुई घटना फोटो: हत्या-बिहारशरीफ सदर अस्पताल में सोमवार को पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के परिजन। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव में सोमवार की सुबह एक युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गयी। मृतक बकरा गांव निवासी बुंदेल केवट का 38 वर्षीय पुत्र अर्जुन केवट है। परिजन पूर्व मुखिया के पुत्र पर तालाब से मछली मारने के दौरान पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। युवक की मौत इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में हो गया। इधर, पुलिस का कहना है कि युवक फिसलकर तालाब में गिर गया। डूबने से उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने पुलिस के अलावा निजी अस्पताल के संचालक पर भी कई गंभीर आरोप लगाये हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। पूर्व मुखिया ने बुलाया था मछली मारने के लिए: अर्जुन के ससुर नंद केवट ने बताया कि रविवार को पूर्व मुखिया शिवनंदन प्रसाद ने उसे तालाब से मछली मारने के लिए चोरसुआ गांव बुलाया था। अर्जुन तालाब में घुसकर मछली मार रहा था। इसी बीच पूर्व मुखिया का पुत्र मनोज कुमार वहां पहुंचा और गाली देने लगा। उसने कहा कि तालाब से मछली क्यों मार रहे हो। अर्जुन ने कहा कि उसके पिता ने बुलाया है। इतना सुनते ही वह तालाब के पास पड़े लाठी से अर्जुन को मारने लगा। सिर पर चोट लगते ही वह बेहोश होकर तालाब में ही गिर गया। तालाब से निकालकर परिजनों को दी सूचना: इसके बाद मनोज ने अर्जुन को तालाब से बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी कि वह तालाब में डूब गया है। परिवार के लोग वहां पहुंचे तो शरीर पर पड़े जख्म को देखकर हत्या का आरोप लगाने लगे। उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। परिजनों ने लगाया आरोप: परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के बाद थानाध्यक्ष ने कहा कि हत्या की एफआईआर करायी तो मुआवजा नहीं मिलेगा। डूबने से मौत की बात स्वीकार करने पर मुआवजा मिल जाएगा। वहीं, अस्पताल संचालक पर आरोप लगाया कि मौत के बाद शव देने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गयी। किसी तरह रुपये देने पर शव उन्हें दिया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि पूर्व मुखिया व उनके पुत्र की आपस में नहीं बनती है। इसी वजह से अर्जुन को पीटा गया। आरोप को बताया बेबुनियाद: थानाध्यक्ष नारदमुनी सिंह ने बताया कि परिजनों का आरोप बेबुनियाद है। अर्जुन अक्सर पूर्व मुखिया के तालाब में मछली मारता था। तालाब के किनारे काई जमी थी। उसी से फिसलकर युवक तालाब में गिर गया। उसके सिर में चोट लग गयी। परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। लिखित आवेदन मिलने पर एफआईआर की जाएगी।




