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Newswrap हिन्दुस्तान, बिहारशरीफWed, 16 Oct 2024 05:06 PM
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फोटो-वीडियो करें अपलोड, अपने गांव को दिलाएं वैश्विक पहचान मेरा प्रखंड मेरा गौरव प्रतियोगिता में शामिल हो जीतें पुरस्कार नकद के साथ प्रशस्ति पत्र देकर किया जाएगा सम्मानित फोटो : औंगारी धाम : एकंगरसराय प्रखंड का औंगारी धाम। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। टूरिज्म पोर्टल पर आप अपने गांव गिरावं के ऐतिहासिक व अन्य पर्यटकीय स्थलों की तस्वीर और वीडियो अपलोड कर अपने गांव को वैश्विक पहचान दिलाएं। उसे पर्यटन से जोड़ें। इसके लिए मेरा प्रखंड मेरा गौरव प्रतियोगिता में आपसभी शामिल होकर ऐसे छुपे स्थलों की जानकारी पोर्टल पर साझा करें। साथ ही पुरस्कार भी जीतें। विजेता को नकद के साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। हर प्रखंड के एक एक विजेता का इसमें चयन होगा। सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निर्देशक स्वेता कुमारी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए टूरिज्म डॉट गॉव डॉट इन पर जाकर आप अपने गांव के पर्यटकीय स्थलों पर से गुणवत्तापूर्ण फोटो और वीडियो बनाकर अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए पर्यटन प्रभारी सह जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कार्यालय से भी जानकारी ली जा सकती है। छुपे पौराणिक व सुंदर स्थलों की खोज करना इसका लक्ष्य : उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य लक्ष्य छुपे हुए पौराणिक, सुंदर व पर्यटकीय स्थलों की खोज करना है। ताकि, चयनित केंद्रों का पर्यटन विकास आगे विकास की रुपरेखा तैयार कर सके। इसके लिए प्रत्येक प्रखंड से एक एक स्थल का चयन किया जाना है। एक नवंबर तक लोग अपने गांव के इस तरह के स्थलों की तस्वीर और वीडियो बनाकर अपलोड कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। चार श्रेणियों में विजेता का होगा चयन : इसमें शामिल प्रतिभागियों का चार श्रेणियों में चयन किया जाएगा। विजेताओं को श्रेणी के अनुसार 50 हजार जीतने का सुनहला मौका है। ज्यूरी अवार्ड में अव्वल आने पर प्रथम विजेता को 50 हजार, द्वितीय विजेता को 45 हजार तो तृतीय विजेता को 35 हजार नकद और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं पिपुल्स च्वाईस अवार्ड में चयनित होने वाले अव्वल विजेता को 50 हजार, द्वितीय विजेता को 45 हजार तो तृतीय विजेता को 35 हजार नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। पर्यटन के सोशल मीडिया पर आपका नाम होगा अंकित : इसके अलावा 10 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसमें चयनित होने वाले इन विजेताओं को 20 हजार नकद और बिहार पर्यटन के सोशल मीडिया पर उनका नाम अंकित किया जाएगा। इतना ही नहीं प्रखंड स्तर पर भी अव्वल आए विजेता को 10 हजार नकदी और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। कैसे हों प्रतियोगिता में शामिल : सबसे पहले प्रतिभागी टूरिज्म डॉट बिहार गॉव डॉट इन पोर्टल पर जाएं। उस वेब पेज पर जाकर अपना निबंधन खुद से करें। पंजीकरण के बाद अपनी प्रविष्टि, स्थान का विवरण, फोटो और वीडियो अपलोड करें। एक बार प्रविष्टि अपलोड करने पर संशोधन नहीं किया जा सकेगा। प्रविष्टि अपलोड करते ही आपको एक पुष्टि संदेश जाएगा। यानि आपकी तस्वीर और वीडियो पोर्टल पर अपलोड हो गयी। आप इस रेस में शामिल हो चुके हैं। नालंदा जिला के राजगीर विश्व शांति स्तूप, घोड़ा कटोरा, नालंदा विश्वविद्यालय का भग्नावशेष, पावापुरी जैन मंदिर, कुंडलपुर जैन मंदिर और पावापुरी जलमंदिर ऐतिहासिक स्थलों की तस्वीर और वीडियो इस प्रतियोगिता में अपलोड नहीं करनी है। इसके अलावा अन्य स्थलों को इसमें शामिल किया जा सकता है। गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाना इसका उद्देश्य : सरमेरा प्रखंड की चेरो ठाकुरबाड़ी, अस्थावां प्रखंड का अमावां राज महल, हरनौत चेरो सूर्य मंदिर, वरूणतर का बुरुजतर, बराह का गढ़पर, सिरमाना का सूर्य मंदिर, मोरातालाब जैसे कई स्थल हैं, जिनकी कहानियां आज भी गांवों में लोगों के बीच काफी चर्चित है। लेकिन, उसकी चर्चा वहीं तक सिमट कर रह गयी। इस तरह के पौराणिक स्थलाों को पर्यटन मानचित्र पर लाकर वहां के गांवों का विकास किया जा सकता है। ऐसे स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाना ही इस प्रतियोगिता का उद्येश्य है। सहायक निर्देशक स्वेता कुमारी ने आम नागरिकों खासकर युवाओं से इस प्रतियोगिता में शामिल होकर अपने गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की अपील की है।
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फोटो-वीडियो करें अपलोड, अपने गांव को दिलाएं वैश्विक पहचान मेरा प्रखंड मेरा गौरव प्रतियोगिता में शामिल हो जीतें पुरस्कार नकद के साथ प्रशस्ति पत्र देकर किया जाएगा सम्मानित फोटो : औंगारी धाम : एकंगरसराय प्रखंड का औंगारी धाम। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। टूरिज्म पोर्टल पर आप अपने गांव गिरावं के ऐतिहासिक व अन्य पर्यटकीय स्थलों की तस्वीर और वीडियो अपलोड कर अपने गांव को वैश्विक पहचान दिलाएं। उसे पर्यटन से जोड़ें। इसके लिए मेरा प्रखंड मेरा गौरव प्रतियोगिता में आपसभी शामिल होकर ऐसे छुपे स्थलों की जानकारी पोर्टल पर साझा करें। साथ ही पुरस्कार भी जीतें। विजेता को नकद के साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। हर प्रखंड के एक एक विजेता का इसमें चयन होगा। सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निर्देशक स्वेता कुमारी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए टूरिज्म डॉट गॉव डॉट इन पर जाकर आप अपने गांव के पर्यटकीय स्थलों पर से गुणवत्तापूर्ण फोटो और वीडियो बनाकर अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए पर्यटन प्रभारी सह जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कार्यालय से भी जानकारी ली जा सकती है। छुपे पौराणिक व सुंदर स्थलों की खोज करना इसका लक्ष्य : उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य लक्ष्य छुपे हुए पौराणिक, सुंदर व पर्यटकीय स्थलों की खोज करना है। ताकि, चयनित केंद्रों का पर्यटन विकास आगे विकास की रुपरेखा तैयार कर सके। इसके लिए प्रत्येक प्रखंड से एक एक स्थल का चयन किया जाना है। एक नवंबर तक लोग अपने गांव के इस तरह के स्थलों की तस्वीर और वीडियो बनाकर अपलोड कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। चार श्रेणियों में विजेता का होगा चयन : इसमें शामिल प्रतिभागियों का चार श्रेणियों में चयन किया जाएगा। विजेताओं को श्रेणी के अनुसार 50 हजार जीतने का सुनहला मौका है। ज्यूरी अवार्ड में अव्वल आने पर प्रथम विजेता को 50 हजार, द्वितीय विजेता को 45 हजार तो तृतीय विजेता को 35 हजार नकद और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। वहीं पिपुल्स च्वाईस अवार्ड में चयनित होने वाले अव्वल विजेता को 50 हजार, द्वितीय विजेता को 45 हजार तो तृतीय विजेता को 35 हजार नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। पर्यटन के सोशल मीडिया पर आपका नाम होगा अंकित : इसके अलावा 10 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। इसमें चयनित होने वाले इन विजेताओं को 20 हजार नकद और बिहार पर्यटन के सोशल मीडिया पर उनका नाम अंकित किया जाएगा। इतना ही नहीं प्रखंड स्तर पर भी अव्वल आए विजेता को 10 हजार नकदी और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। कैसे हों प्रतियोगिता में शामिल : सबसे पहले प्रतिभागी टूरिज्म डॉट बिहार गॉव डॉट इन पोर्टल पर जाएं। उस वेब पेज पर जाकर अपना निबंधन खुद से करें। पंजीकरण के बाद अपनी प्रविष्टि, स्थान का विवरण, फोटो और वीडियो अपलोड करें। एक बार प्रविष्टि अपलोड करने पर संशोधन नहीं किया जा सकेगा। प्रविष्टि अपलोड करते ही आपको एक पुष्टि संदेश जाएगा। यानि आपकी तस्वीर और वीडियो पोर्टल पर अपलोड हो गयी। आप इस रेस में शामिल हो चुके हैं। नालंदा जिला के राजगीर विश्व शांति स्तूप, घोड़ा कटोरा, नालंदा विश्वविद्यालय का भग्नावशेष, पावापुरी जैन मंदिर, कुंडलपुर जैन मंदिर और पावापुरी जलमंदिर ऐतिहासिक स्थलों की तस्वीर और वीडियो इस प्रतियोगिता में अपलोड नहीं करनी है। इसके अलावा अन्य स्थलों को इसमें शामिल किया जा सकता है। गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाना इसका उद्देश्य : सरमेरा प्रखंड की चेरो ठाकुरबाड़ी, अस्थावां प्रखंड का अमावां राज महल, हरनौत चेरो सूर्य मंदिर, वरूणतर का बुरुजतर, बराह का गढ़पर, सिरमाना का सूर्य मंदिर, मोरातालाब जैसे कई स्थल हैं, जिनकी कहानियां आज भी गांवों में लोगों के बीच काफी चर्चित है। लेकिन, उसकी चर्चा वहीं तक सिमट कर रह गयी। इस तरह के पौराणिक स्थलाों को पर्यटन मानचित्र पर लाकर वहां के गांवों का विकास किया जा सकता है। ऐसे स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाना ही इस प्रतियोगिता का उद्येश्य है। सहायक निर्देशक स्वेता कुमारी ने आम नागरिकों खासकर युवाओं से इस प्रतियोगिता में शामिल होकर अपने गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की अपील की है।






