झांसी में ट्रक की तरह इस्तेमाल हो रहीं बसें: इंदौर, कानपुर और दिल्ली से हर दिन आ रहा लाखों का माल, ट्रांसपोर्टर परेशान – Jhansi News h3>
झांसी में बसों से चोरी-छिपे लाया जा रहा व्यवसायिक माल।
झांसी में ट्रांसपोर्ट के व्यापार का बट्टा बस संचालक बिठा रहे हैं।सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए लेकिन उनके निर्देश का पालन झांसी में दिखाई नहीं दे रहा।
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पहले अवैध तरीके से माल लाने की तस्वीरें देखें…
झांसी के ग्वालियर रोड पर सुबह 6 बजे बस में लोड कर लाया गया व्यवसायिक माल अनलोड कर करती लेबर।
आधी रात को शहर में प्रवेश कर जा रहीं माल लदी बसें।
ऐसे में अब ट्रांसपोर्ट कंपनी के लोग नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं।उनका कहना है कि जब सवारी वाहनों में माल ढोया जा रहा है तो क्या हम लोग ट्रकों में सवारी बिठाएंगे।
दरअसल, झांसी बुंदेलखंड का महत्वपूर्ण जिला है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के जिलों से यहां व्यापारी भी बड़ी संख्या में आते हैं। ऐसे में यहां सूरत, इंदौर, पुणे, कानपुर और दिल्ली से आने वाली बसों में व्यापारिक माल की आवक भी है।
लेकिन यह माल ट्रांसपोर्ट से कम और बसों से ज़्यादा आता है। परिवहन अधिनियम के तहत बसों से व्यापारिक माल का ट्रांसपोर्ट गैर कानूनी है। लेकिन तमाम निर्देशों के बाद भी इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। झांसी शहर में धड़ल्ले से बसों पर माल लादकर लाया जा रहा है। ये सब परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की नजर में भी है लेकिन इन्हें रोकने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा।
आधी रात को शहर में प्रवेश करती हैं बसें
बता दें कि शहर के कुछ इलाकों को बस से माल ढोने वालों ने अपना गोदाम बना रखा है। दिल्ली और इंदौर से माल लाने वालीं बसें ग्वालियर रोड के पाल कॉलोनी से पहले बने पेट्रोल पंप पर लगा दी जा रही हैं। यहां से सुबह 5 बजे छोटे लोडर से इन्हें पूरे शहर में भेजा जा रहा है। ऐसे में कानपुर चुंगी और रक्सा हाइवे पर भी चल रहा है।
बाहर से आने वाली बसों में आ रहा लाखों का माल
झांसी में कपड़ा और ऑटो मोबाइल के स्पेयर पार्ट्स का बड़े पैमाने पर व्यापार होता है। ऐसे में एक राज्य से दूसरे राज्य को आने वाली बसों में ये माल खुले रूप से झांसी में आ रहा है। जबकि इन बसों को केवल सवारी और उनका लगेज रखने का ही परमिट मिला हुआ है।
अधिकारियों के आदेश भी निष्क्रिय
बता दें कि झांसी में मंडलायुक्त और जिलाधिकारी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई बार निर्देश दे चुके हैं कि किसी भी प्रकार का सवारी वाहन हो, उसमें केवल सवारी और उनका लगेज ही होना चाहिए। बावजूद इसके शहर में बसों से माल ढोया जा रहा है।
ट्रांसपोर्टर विरोध में आए
बुंदेलखंड ट्रक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैप्पी चावला ने बताया कि झांसी में बसों पर माल ढोने का काम बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसे रोकने के लिए वह लगातार अधिकारियों के सामने बात रख रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बोले कि बसों में सवारी बिठाने का परमिट है तो फिर माल कैसे ढोया जा रहा है।
आरटीओ प्रवर्तन बोले, माल ढोने वाली बसों पर करेंगे कार्रवाई।
ट्रांसपोर्टर बोले हम लोग सवारियों ले जाएं क्या ?
झांसी में खुले तौर पर माल ढो रहीं बसों से ट्रांसपोर्टर खासे आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग इन पर सख्त कार्रवाई नहीं करता, जिसके चलते बस संचालक माल ढुलाई लगातार कर रहे हैं। कहा कि हम लोग ट्रकों का टैक्स देते हैं माल पर जीएसटी देते हैं, फिर भी अपना काम नहीं कर पा रहे। बोले कि जब हम लोग माल नहीं ले जाएंगे तो फिर ट्रकों में सवारियां ही ढोनी पड़ेंगी।
आरटीओ बोले-जीएसटी के साथ मिलकर करेंगे कार्रवाई
क्षेत्रिय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश वर्मा ने कहा कि ये बात सही है कि कुछ बस संचालक व्यवसायिक माल बसों में ढो रहे हैं। इनके खिलाफ हम निरन्तर कार्रवाई भी कर रहे हैं। अब जीएसटी विभाग के साथ एक टीम गठित कर व्यवसायिक माल ढोने वाली बसों में कार्रवाई करेंगे। इसके लिए दोनों विभागों के बीच पत्राचार भी हो चुका है।




