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इंदौर में मालवा उत्सव 2026 का रंगारंग आगाज: ढोलक की थाप पर झूम उठे लोग, 21 राज्यों की लोक संस्कृति ने बिखेरे रंग – Indore News

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इंदौर में मालवा उत्सव 2026 का रंगारंग आगाज:  ढोलक की थाप पर झूम उठे लोग, 21 राज्यों की लोक संस्कृति ने बिखेरे रंग – Indore News

इंदौर में मालवा उत्सव 2026 का रंगारंग आगाज: ढोलक की थाप पर झूम उठे लोग, 21 राज्यों की लोक संस्कृति ने बिखेरे रंग – Indore News


मालवा उत्सव 2026 का आगाज बुधवार शाम दशहरा मैदान में हुआ। 6 मई से 12 मई तक चलने वाले इस उत्सव में देश के 21 राज्यों के करीब 400 कलाकार और 450 शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं। सांसद शंकर लालवानी ने दीप प्रज्जवलित कर सात दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ की शुरुआत की। पहले दिन मंच पर मालवा, गुजरात, गोवा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की लोक परंपराओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने मालवी मटकी नृत्य प्रस्तुत किया कार्यक्रम की शुरुआत मालवा की माटी की खुशबू से जुड़े मालवी मटकी नृत्य से हुई। रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाकों में सजे कलाकारों ने सिर पर मटकी और हाथों में छतरियां लेकर आकर्षक प्रस्तुति दी। आयोजकों के अनुसार उत्सव परिसर में सजा शिल्प बाजार प्रतिदिन शाम 4 बजे से आमजन के लिए खुला रहेगा। यहां देशभर के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाएं और लोक संस्कृति से जुड़ी वस्तुएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सिद्धि धमाल में सिर से फोड़े नारियल गुजरात के सिद्धि धमाल कलाकारों ने अपनी अनूठी प्रस्तुति से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कलाकारों ने नृत्य करते हुए सिर से नारियल फोड़कर शौर्य प्रदर्शन किया। वहीं प्राचीन गरबा रास और झाला वारी रास में भगवान कृष्ण की आराधना और पारंपरिक संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। भगोरिया और गुस्साडी और छत्तीसगढ़ के गेडी नृत्य ने बांधा समां भगोरिया नृत्य ने आदिवासी जीवन और होली उत्सव की झलक पेश की। तेलंगाना के राजगोंड समुदाय के गुस्साडी नृत्य में मोरपंखों से सजी वेशभूषा और ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। गोवा के कुनबी नृत्य में मछुआरा समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली मंच पर जीवंत होती नजर आई। छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने बांस की ऊंची गेडी पर संतुलन बनाते हुए लयबद्ध नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं महाराष्ट्र के सांगली से आए कलाकारों ने धनगरी गाजा नृत्य के जरिए वारोबा देवता की उपासना को मंच पर जीवंत किया। राम स्तुति और ओडिसी ने भी जीता दिल स्थानीय कलाकारों ने कालिया मर्दन, राम स्तुति और हनुमान चालीसा पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं ओडिसी नृत्य ने शास्त्रीय कला की सुंदरता का परिचय दिया। उद्घाटन समारोह में विधायक महेंद्र हार्डिया समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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