गर्भवती होने पर नाबालिग का गला घोंटा: शव पेड़ पर लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया; राजगढ़ में 13 दिन बाद मौत की गुत्थी सुलझी – rajgarh (MP) News h3>
राजगढ़ जिले में 14 साल की नाबालिग बालिका की मौत का मामला दुष्कर्म, गर्भावस्था और हत्या का निकला। आरोपी ने नाबालिग के गर्भवती होने के बाद शादी का दबाव बढ़ने पर पहले उसका गला घोंटा, फिर शव को इमली के पेड़ पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। सोमवार शाम राजगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएसपी के.एल. बंजारे ने मामले का खुलासा करते किया। मामला राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 26 मई को एक गांव में 14 वर्षीय बालिका का शव इमली के पेड़ पर उसके ही पजामे के फंदे से लटका मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शुरुआती हालात देखकर मामला आत्महत्या जैसा लग रहा था, लेकिन घटनास्थल की स्थिति और शव की हालत ने पुलिस को शुरुआत से ही शक में डाल दिया। गांव वालों ने युवक के घर आते-जाते देखा जाता था
पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। फंदे की गांठ, शव की स्थिति और आसपास मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने इशारा दिया कि मामला सामान्य आत्महत्या का नहीं है। इसके बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच शुरू की। परिजनों और गांव के लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि बालिका को एक युवक के घर आते-जाते देखा जाता था, जिस पर परिवार को पहले से संदेह था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि नाबालिग के साथ लंबे समय से यौन शोषण किया जा रहा था। वह गर्भवती भी थी और उसकी मौत फांसी से नहीं बल्कि गला घोंटने से हुई थी। रिपोर्ट सामने आते ही पुलिस ने संदेही मुकेश तंवर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की।
गर्भवती के बाद शादी का दवाब बनाने लगी थी
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह लंबे समय से नाबालिग के साथ संबंध बना रहा था। जब बालिका गर्भवती हुई तो उसने शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपी को डर था कि मामला खुलने पर वह फंस जाएगा। इसी डर में उसने नाबालिग की हत्या कर दी और सबूत छिपाने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या लगे। पुलिस ने आरोपी मुकेश पिता चम्पालाल तंवर (26) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से आगे की कार्रवाई जारी है। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में कोतवाली थाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में चली जांच में थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखेनिया, उप निरीक्षक सुभाष द्विवेदी सहित पुलिस टीम ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया।