आगरा को फाइव स्टार दिलाने वाले 5 चेहरे: स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में आगरा को देश में 10वां और प्रदेश में दूसरे स्थान दिलाने वाले अधिकारी – Agra News h3>
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्तार लेतीं मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह।
स्वच्छता को लेकर आगरा ने इस बार सर्वेक्षण रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है। देश में 85 से सीधे 10वें और प्रदेश में 12वें से दूसरे नंबर पर आ गया है। रैंकिंग में इतना लंबा अंतर ऐसे ही नहीं आ गया। इसके लिए नगर निगम के 5 वे चेहरे हैं, जिसकी वजह से स्वच्छता
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| वर्ष | देश | प्रदेश |
| 2024 | 10 | 2 |
| 2023 | 83 | 12 |
| 2022 | 23 | 6 |
| 2021 | 24 | 3 |
| 2020 | 16 | 2 |
अब आइये जानते हैं उन अधिकारियों के बारे में जिनकी वजह से स्वच्छता सर्वेक्षण में आगरा की स्थिति में इतना सुधार आया… 1. हेमलता दिवाकर कुशवाह, मेयर स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 की रैंकिंग सुधारने में मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह का महत्वपूर्ण किरदार हैं। 13 मई 2023 को मेयर चुने जाने के बाद से ही वे आगरा को स्वच्छ बनाने की कवायद में जुट गई थीं।
हेमलता दिवाकर कुशवाह, मेयर
अधिकारियों के साथ मिलकर न सिर्फ स्वच्छता के लिए प्लानिंग की बल्कि समय-समय पर निरीक्षण कर स्वच्छता को भी परखा। कमियां मिलने पर अधिकारियों को इन्हें दूर करने के लिए निर्देशित किया।
2. अंकित खंडेलवाल, नगर आयुक्त नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल तेज तर्रार IAS में से एक हैं। शहर की सफाई व्यवस्था की वे नियमित निगरानी करते हैं। उनकी निगरानी में रिफ्यूज, रिड्यूस, रीयूज, रिपेयर, रिसाइकिल पर आधारित 5आर सेंटर बनाए गए हैं।
अंकित खंडेलवाल, नगर आयुक्त
इनमें महिलाओं को जोड़ा गया है। इसके साथ ही कुबेरपुर में 15 एकड़ में हरी पट्टी तैयार की गई है। यह लैंडफिल साइट की हरित घेराबंदी बनेगा। इसके साथ ही स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए उन्होंने अन्य योजनाएं बनाईं और उनका क्रियान्वयन कराया।
3. सतेंद्र कुमार तिवारी, अपर नगर आयुक्त अपर नगर आयुक्त सतेंद्र कुमार तिवारी ने सफाई अभियान के साथ ही नगर निगम द्वारा शहर में होने वाले सौंदर्यीकरण के कार्य, सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, कचरे का निस्तारण आदि कार्यों की लगातार निगरानी की।
सतेंद्र कुमार तिवारी, अपर नगर आयुक्त
फतेहाबाद रोड, मॉल रोड सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में होने वाले सौंदर्यीकरण कार्यों पर नजर रखी।
4. शिशिर कुमार, अपर नगर आयुक्त अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार की सफाई व्यवस्था हो या फिर कचरे को स्मार्ट तरीके से अलग-अलग किए जाने का काम, उन्होंने इसकी बेहतर तरीके से निगरानी की।
शिशिर कुमार, अपर नगर आयुक्त
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर काफी गंभीर रवैया अपनाया।
5. डा. संजय वर्मा, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी/सफाई व्यवस्था प्रभारी मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजय वर्मा के कंधों पर सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रही। सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने के काम उन्हीं की निगरानी में चलता है।
डा. संजय वर्मा, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी/सफाई व्यवस्था प्रभारी
बाजारों में सफाई व्यवस्था हो या फिर रेजीडेंशियल एरिया में सफाई, दोनों में ही आगरा को 100% नंबर मिले हैं।
नगर निगम ने ये किए सुधार
- वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट : अधिकांश डलाबघरों को बंद कर ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए। कचरे को स्मार्ट तरीके से अलग-अलग किया जा रहा है। पुनर्चक्रण भी किया जा रहा है।
- प्लास्टिक कचरा रिसाइकिल प्लांट: यहां प्लास्टिक कचरे को साफ कर टुकड़ों में काटा जाता है और उससे उपयोगी वस्तुएं बनाई जाती हैं।
- सैनेटरी लैंडफिल का विकास: राष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। केवल गैर-रीसाइकिल योग्य कचरे का निस्तारण होगा।
- प्लास्टिक कचरा रिसाइकिल प्लांट: यहां प्लास्टिक कचरे को साफ कर टुकड़ों में काटा जाता है और उससे उपयोगी वस्तुएं बनाई जाती हैं।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल तथा अन्य।
- वेस्ट टू एनर्जी प्लांट: यह प्लांट सितंबर 2026 तक शुरू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश का पहला वेस्ट टू एनर्जी प्लांट होगा।
- कचरे के पहाड़ का निस्तारण: कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर 20 लाख मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया। वहां अब हरियाली और पार्क बना है।
- 150 टीडीपी सीएनडी प्लांट: निर्माण कार्यों से निकले मलबे को फिर उपयोग योग्य बनाया जाता है। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला।
- 5 आर सेंटर का निर्माण: रिफ्यूज, रिड्यूस, रीयूज, रिपेयर, रिसाइकिल पर आधारित 5आर सेंटर बनाए गए हैं। इनमें महिलाओं को जोड़ा गया है।
- 15 एकड़ का ग्रीन जोन तैयार किया: कुबेरपुर में 15 एकड़ में हरी पट्टी तैयार की गई है। यह लैंडफिल साइट की हरित घेराबंदी बनेगा।
सिटी रिपोर्ट कार्ड स्वच्छता सर्वेक्षण 2024…
| कैटेगिरी | कितने प्रतिशत नंबर मिले |
| घर-घर जाकर कचरा संग्रहण | 98% |
| सोर्स सेग्रेगेशन | 82% |
| वेस्ट जनरेशन बनाम प्रोसेसिंग | 92% |
| डंपसाइट का सुधार | 100% |
| आवासीय क्षेत्रों की स्वच्छता | 100% |
| बाजारों की स्वच्छता | 100% |
| वाटर बॉडीज की स्वच्छता | 100% |
| सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता | 100% |
17 मार्च से 30 अप्रैल तक चला सर्वे भारत सरकार की तीन टीमों ने दो चरणों में सर्वे किया। पूरे शहर में सफाई व्यवस्था देखी गई। सभी प्लांटों का निरीक्षण हुआ। सौंदर्यीकरण, सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय और 5 आर सेंटरों की भी समीक्षा की गई।





