अश्लील वीडियो बनाए, एक्स-गर्लफ्रेंड ने जलाकर मारा; हड्डियां तक गलीं: मरने वाले UPSC-एस्पिरेंट पर 10 लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाने का आरोप h3>
5 अक्टूबर की बात है। दिल्ली के गांधी विहार के एक घर में देर रात तेज ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। आस-पड़ोस के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। तिमारपुर थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस को अंदर से ब
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पुलिस ने डेडबॉडी को हिंदू राव अस्पताल भेजा। उसकी पहचान राजस्थान के रहने वाले रामकेश मीणा के तौर पर हुई, जो दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रहा था। शुरू में लगा कि एयरकंडीशन का कंप्रेशर फटने से ब्लास्ट हुआ और आग लगी। घटना के करीब 20 दिन बाद खुलासा हुआ है कि ये ब्लास्ट AC में नहीं हुआ था बल्कि कराया गया था।
मर्डर की ये साजिश रामकेश मीणा की एक्स गर्लफ्रेंड अमृता चौहान ने रची थी। दरअसल रामकेश और अमृता कुछ महीने लिव-इन में रहे थे। इस दौरान रामकेश ने उसके कुछ अश्लील प्राइवेट फोटोज और वीडियोज बनाए थे। पुलिस के मुताबिक अमृता ने कई बार वो लौटाने या डिलीट करने के लिए कहा, लेकिन रामकेश नहीं माना और ब्लैकमेल करने लगा।
लिहाजा अमृता ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड सुमित कश्यप और उसके दोस्त संदीप कुमार के साथ मिलकर पहले रामकेश का गला घोंटकर हत्या की। फिर कमरे में सिलेंडर ब्लास्ट कर उसकी लाश जला दी। पुलिस ने तीनों को मुरादाबाद से अरेस्ट कर लिया है। वहीं जांच में ये भी पता चला है कि रामकेश ने अमृता ही नहीं, बल्कि 10 से ज्यादा लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर रखे थे।
अमृता ने पूरी साजिश को कैसे अंजाम दिया? फोरेंसिक साइंस की स्टूडेंट रही अमृता ने कैसे सबूत मिटाने की कोशिश की और कैसे वही पुलिस के लिए सबसे बड़े फोरेंसिक सबूत बन गए। ये समझने के लिए दैनिक NEWS4SOCIALकी टीम दिल्ली के गांधी विहार में ग्राउंड पर पहुंची।
सबसे पहले जानिए 5 अक्टूबर की रात की कहानी… प्राइवेट फोटो-वीडियो न देने पर एक्स गर्लफ्रेंड ने रची मर्डर की साजिश पुलिस की जांच में पता चला है कि रामकेश और अमृता करीब एक साल से एक दूसरे को जानते थे। इसी साल मई में अमृता इसी फ्लैट में रामकेश के साथ लिव-इन में रहने लगी थी। कुछ महीने बाद ही दोनों में विवाद हुआ, जिसके बाद अमृता ने रूम छोड़ दिया।
इसके बाद ही अमृता को पता चला कि रामकेश ने उसकी कुछ पर्सनल अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। वो पिछले कई महीनों से उसे डिलीट करने के लिए कह रही थी, लेकिन डिलीट करने के बजाय रामकेश उसे बार-बार ब्लैकमेल कर रहा था।
दिल्ली पुलिस में हमारे सोर्स के मुताबिक अमृता ने रामकेश से ये भी कहा था कि वो फोटो और वीडियो उसके पास हार्ड ड्राइव में सेव कर दे। वो उसे डिलीट नहीं करेगी, लेकिन वो राजी नहीं हुआ।
तब अमृता ने ये बात अपने एक्स बॉयफ्रेंड सुमित को बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर रामकेश के मर्डर का प्लान बनाया। पिछले 2 महीने से दोनों ने रेकी की। वो रामकेश पर नजर भी रख रहे थे। ये बात आसपास के लोगों ने भी कन्फर्म की है।
पहले गला घोंटकर मारा, फिर डेडबॉडी और सामान में आग लगाई पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि अमृता ने फोरेंसिक साइंस से बीएससी किया है। लिहाजा उसे ये जानकारी थी कि फोरेंसिक सबूत कैसे मिटाने हैं। उसने प्लान आगे बढ़ाने से पहले कई क्राइम सीरीज भी देखी थी।
पुलिस के मुताबिक अमृता ने प्लान बनाया था कि वो पहले रामकेश से अपने प्राइवेट फोटो और वीडियो अपने कब्जे में लेगी और माफी मंगवाएगी। फिर गला घोंटकर उसकी हत्या करेगी और डेडबॉडी समेत सारे सबूत आग के हवाले कर देगी। 5-6 अक्टूबर की रात उसने यही किया भी।
पहले अमृता और उसके साथियों ने रामकेश के हाथ-पैर बांधकर मोबाइल चार्जर के वायर से उसका गला दबाया और अश्लील वीडियो को लेकर पूछताछ की। फिर उसी वायर से गला घोंटकर उसे मार डाला। फिर उसकी लाश जलाने के लिए कमरे में रखा तेल, घी और शराब सब उस पर डाल दिया, लेकिन आग नहीं लग सकी।
इसके बाद इन्होंने डेडबॉडी के आस-पास किताबें और अखबार लगाया। रूम से निकलने से पहले सुमित ने लाश के पास सिलेंडर ऑन करके रखा और आग लगा दी। इन्हें पता था कि 10-15 मिनट बाद ब्लास्ट होगा और तब तक ये निकल जाएंगे।‘
इतना ही नहीं, कमरे के मेन गेट की जाली तोड़कर अमृता ने बाहर से हाथ डालकर अंदर का लॉक भी लगा दिया, ताकि किसी के कमरे के अंदर जाने का शक न हो। ये लगे कि कमरे में एसी ब्लास्ट होने की वजह से आग लगी, जिसमें रामकेश की मौत हो गई।
पहले हादसा लगा, क्राइम सीन की पड़ताल में मर्डर का शक हुआ पुलिस की शुरुआती जांच में अमृता की साजिश सफल भी रही, लेकिन आगे की जांच में सबूत मिटाने के तरीके ही पुलिस के लिए अहम सुराग बन गए। रामकेश मीणा की मर्डर मिस्ट्री को लेकर हमने नॉर्थ दिल्ली पुलिस के DCP राजा बांठिया से बात की।
वे बताते हैं, ‘6 अक्टूबर की सुबह कॉल आई। बताया गया कि गांधी विहार में एक घर में ब्लास्ट हुआ है, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई है। शुरुआत में लगा कि महज हादसा है। हमने क्राइम सीन की इन्वेस्टिगेशन शुरू की। मृतक रामकेश के परिवार वालों से भी बात हुई। उन्होंने हत्या का शक जताया।‘
क्राइम सीन की पड़ताल में शक और गहराया। इसलिए हमने सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई। उसमें कुछ संदिग्ध लोग दिखे। संदिग्धों के फोन लोकेशन की जांच हुई, तो घटनास्थल की ही निकली।
‘इसके 4-5 दिन बाद हमें यूपी के मुरादाबाद से संदिग्धों के सुराग मिले। हमने 3 लोगों को अरेस्ट किया, जिसमें राकेश की एक्स गर्लफ्रेंड अमृता चौहान, उसका साथी सुमित कश्यप और संदीप कुमार शामिल हैं।
अमृता के पास से हमें रामकेश की हार्ड ड्राइव, कपड़े और एक ट्रॉली बैग भी मिला। तीनों मुरादाबाद के रहने वाले हैं। अमृता पहले सुमित की गर्लफ्रेंड रह चुकी है। सुमित एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी करता है। इसलिए उसे पता था कि गैस सिलेंडर में कैसे ब्लास्ट करना है।‘
‘पूछताछ में अमृता ने कबूला भी है कि रामकेश के पास उसके कुछ अश्लील वीडियो थे, जिसे वो डिलीट नहीं कर रहा था न ही उसे दे रहा था। इसलिए तीनों ने मिलकर उसकी हत्या की।
रामकेश की हत्या के तीनों आरोपियों अमृता, सुमित और संदीप को पुलिस ने मुरादाबाद से अरेस्ट किया है।
घटनास्थल से पुलिस को ये 5 अहम सबूत मिले… आरोपी अमृता ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित के साथ मिलकर मर्डर के सबूत मिटाने की कोशिश की, लेकिन उसकी यही कोशिश पुलिस को 5 बड़े सबूत दे गई।
सबूत नंबर- 1 आग में रामकेश की हड्डियां तक जलकर पिघल गईं कमरे में ब्लास्ट और आग लगने के बाद पुलिस को रामकेश की लाश मिली थी। वो इतनी बुरी तरह झुलसी थी कि डॉक्टरों ने देखा तो बताया कि मरने वाले की कई हड्डियां तक गल चुकी हैं। ये तभी संभव है, जब मरने वाले के काफी करीब ब्लास्ट हुआ हो।
साथ ही ब्लास्ट के समय वो बेहोशी की हालत में हो क्योंकि धमाके के बाद सोता हुआ इंसान भी खुद को बचाने की कोशिश करता है। भागदौड़ करता है, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसलिए पुलिस को अंदेशा हुआ कि कहीं ब्लास्ट से पहले ही तो रामकेश की मौत नहीं हो गई थी।
रामकेश राजस्थान के किसान परिवार का बेटा था। दिल्ली में रहकर पिछले 7 साल से सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था।
सबूत नंबर- 2 किचन नहीं कमरे में सिलेंडर का मिलना ब्लास्ट किचन में नहीं बल्कि कमरे में हुआ। गांधी विहार के जिस फ्लैट में रामकेश मीणा रहता था, वो 25 गज में बना है। इसका डिजाइन ऐसा है कि कमरे में पहले एक तरफ वॉशरूम, फिर उसके बाद किचन और कमरा है। ऐसे में किचन में सिलेंडर होता तो उसमें ब्लास्ट होना चाहिए था। यहां ऐसा नहीं हुआ। ब्लास्ट कमरे में रामकेश के बेड के पास हुआ। ये भी बड़ा सबूत था कि आखिर किचन से गैस सिलेंडर कमरे तक कैसे पहुंचा।
सबूत नंबर- 3 रामकेश का फोन और लैपटॉप कैसे गायब हुआ 6 अक्टूबर की सुबह पुलिस की जांच में मौके से मृतक रामकेश का न फोन मिला और न ही लैपटॉप। ये बात उसके घरवालों को भी समझ आ गई क्योंकि अगर हादसा होता तो ये रूम पर ही मिलता। परिवार वालों ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।
सबूत नंबर- 4 लोहे के गेट की टूटी जाली अंदर की तरफ मुड़ी मिली जिस कमरे में ब्लास्ट हुआ था, उसमें लगे लोहे के मेन गेट की कुंडी अंदर से बंद थी। इसे देखकर ऐसा लगा कि सिर्फ रामकेश ही कमरे के अंदर था। उसी ने गेट अंदर से बंद किया होगा, लेकिन जब उसे गौर से देखा गया तो गेट की जाली टूटी मिली। जाली बाहर से अंदर की तरफ मुड़ी हुई थी। इससे पता चला कि गेट अंदर से नहीं बल्कि बाहर से हाथ डालकर लॉक किया गया था। ये किसी बाहरी के कमरे के अंदर जाने और हत्या करने का बड़ा सबूत बना।
रामकेश गांधी विहार के ई-ब्लॉक के मकान नंबर E-60 में टॉप फ्लोर पर रहता था, जहां अमृता ने उसकी हत्या की साजिश रची।
सबूत नंबर- 5 हादसे से पहले मास्क पहने CCTV में अंदर जाती दिखी अमृता 5 अक्टूबर की देर रात करीब 2 बजकर 18 मिनट पर दो लोग टॉप फ्लोर पर जाते दिखे। ये सीसीटीवी कैमरा E-60 मकान के पास वाले मकान में लगा था। जिसे देखने पर पता चला कि एक लड़की और लड़का मास्क लगाकर मकान में दाखिल हुए। करीब 39 मिनट बाद 2:57 बजे दोनों तेजी से बाहर निकले। उसके कुछ देर बाद ही चौथी मंजिल पर ब्लास्ट हुआ था।
सीसीटीवी देखकर पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछा तो अमृता पर शक गया। उसके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन भी घटनास्थल के पास की थी और घटना के बाद से उसका फोन बंद था। इसी वजह से अमृता पर शक और गहरा गया।
करीबी बोले- जैसे को तैसा अंजाम, 10 से ज्यादा लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहा था इसके बाद हम दिल्ली के गांधी विहार पहुंचे। यहां ई-ब्लॉक के मकान नंबर E-60 में टॉप फ्लोर पर 32 साल का रामकेश मीणा रहता था। यहां हमें कुछ युवक मिले। इनमें एक ने कुछ साल पहले रामकेश को किराए पर कमरा दिलाने में मदद की थी।
हालांकि वो कैमरे पर आने को राजी नहीं हुए। उन्होंने ऑफ कैमरा बात करते हुए बताया, ‘रामकेश पिछले 4-5 साल से ज्यादा समय से गांधी विहार में रह रहा था। पहले वो सी-ब्लॉक के कई कमरों में भी रह चुका है। वो यहीं मदर डेयरी बूथ के पास चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ चाय-सिगरेट पीने आता था।‘
वे आगे बताते हैं, ‘जिस 5-6 अक्टूबर की रात ये घटना घटी, तब ई-ब्लॉक वाले हाथी पार्क के आसपास के कई घरों में धमाके की आवाज सुनी गई। उस वक्त पहले AC में ब्लास्ट होने की जानकारी मिली। बाद में पता चला कि सिलेंडर फटने से धमाका हुआ और रामकेश की मौत हो गई, लेकिन हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी। अब अमृता चौहान का नाम आया, तब मामला समझ में आया।‘
दिल्ली के गांधी विहार में ई-ब्लॉक की इसी गली में रामकेश किराए पर रूम लेकर रह रहा था।
क्या आप अमृता को जानते हैं? जवाब मिला, ‘हां, अमृता को भी जानते हैं। वो कई महीने तक लिव-इन में रामकेश के साथ रही थी। वो कोई पहली लड़की नहीं है, जिसे रामकेश अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रहा था। वो इससे पहले 10 से 12 लड़कियों के साथ रिलेशनशिप में रह चुका है। उनके भी अश्लील फोटो और प्राइवेट वीडियो उसके पास थे।‘
‘अमृता जब रामकेश से अलग हुई थी, हमने तब भी ब्लैकमेलिंग की चर्चा सुनी थी। हालांकि तब बहुत गंभीरता से नहीं लिया था। अब पुलिस ने खुलासा किया तो पूरी बात समझ आई।‘
इसके बाद हम उस चाय की दुकान पर पहुंचे, जहां रामकेश दोस्तों के साथ अक्सर चाय पीने जाता था। रामकेश के बारे में पूछते ही चाय वाले से जवाब मिला, ‘जैसे को तैसा तो मिलेगा ही। उसने कई गलतियां की थीं। उसका तो यही अंजाम होना था।‘
फोन गायब, लैपटॉप में 15 से ज्यादा लड़कियों की फोटोज-वीडियोज इन दावों को लेकर हमने दिल्ली पुलिस में लॉ एंड ऑर्डर के स्पेशल सीपी रविन्द्र यादव से बात की।
उन्होंने ऑफ द रिकॉर्ड बताया, ‘रामकेश के लैपटॉप की शुरुआती जांच में 15 से ज्यादा लड़कियों के फोटोज और वीडियोज मिले हैं। हालांकि इनका ब्लैकमेलिंग केस से क्या कनेक्शन है, इसकी रिपोर्ट अभी फोरेंसिक जांच के बाद मिलेगी। इनसे ये साफ है कि मृतक रामकेश कई लड़कियों के कॉन्टैक्ट में था। हालांकि अभी किसी लड़की ने इस बारे में शिकायत भी नहीं की है।’
तीनों आरोपियों के पास से रामकेश का सिर्फ लैपटॉप और हार्ड डिस्क ही मिली है, उसका फोन नहीं मिला। ऐसे में पुलिस को इस बात की आशंका है कि आरोपियों ने उसके फोन को नष्ट न कर दिया हो। हालांकि पुलिस की जांच टीम फोन रिकवर करने की कोशिश में लगी हुई है।
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