क्या होता है डिजिटल नशा, इसे कैसे पहचाने?

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आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में लोगों के लिए अपने परिवार और दोस्तों के लिए समय निकाल पान मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस समस्या से भी बड़ी एक और समस्या है कि जब लोग पास रहते हुए पास नहीं रहते हैं। इसका मुख्य कारण है हमारी डिजिटल चीज़ों के प्रति बढ़ता लगाव। यह लगाव एक तरह से लोगों के बीच इतना बढ़ गया है कि यह एक रोग सा बन गया है।

आज के समय में अगर व्यक्ति 1 घंटे में अपना फ़ोन न चेक करे तो उसे बेचैनी होने लगती है। इस समस्या से बच्चे, बूढ़े और जवान सभी ग्रसित हैं। फ़ोन का अधिक उपयोग डिजिटल एडिक्शन (डिजिटल लत) कहलाता है। यही डिजिटल एडिक्शन लोगो को चिड़चिड़ा बना देता है। ये लोगों की सेहत को भी बहुत प्रभावित करता है। तो आइये जानते हैं क्या है डिजिटल लत और इससे छुटकारा कैसे पाएं।

डिजिटल नशा का एहसास होना है जरूरी:

आजकल के जमाने में बहुत से ऐसे मोबाइल एप और सोशल मीडिया प्लेटफार्म हैं जो बच्चों से लेकर बड़ो तक को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। इन प्लेटफार्म पर यूजर अपने कंटेंट शेयर करते हैं और आगे के प्रोत्साहन के लिए वे तरह तरह के हथकंडे अपनाते है। यह प्रोत्साहन लाइक और शेयर होता है। कुछ प्लेटफार्म पैसे कमाने का भी मौका देते हैं जिससे यूजर उसके लिए बहुत अधिक एडिक्ट हो जाते हैं। इनमे यूट्यूब, टिकटोक और ब्लॉग पोर्टल मुख्य हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अधिक निर्भरता लोगों के लिए कभी कभी नुक्सान देह हो जाती है इसलिए यह जरूरी हो जाता है वह इस आभासी दुनिया से निकल कर वास्तविक दुनिया को पहचाने। इसलिए इस लत से परेशान यूजर को यह एहसास होना बहुत जरूरी है उसे लगे कि वह इस वास्तविक दुनिया से कट गया है।

विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल नशा से लड़ने के लिए सबसे जरूरी है इस लत के बढ़ने पर इसका एहसास कराना:

लोगों के लिए काम, घर के अंदर जीवन, बाहर के मनोरंजन और सामाजिक व्यस्तताओं के बीच संतुलन कायम रखना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि वे पर्याप्त नींद ले रहे हैं। यह बहुत जरूरी है इसलिए वयस्कों को प्रति सप्ताह 4 घंटे के डिजिटल डीटॉक्स को जरूर अपनाना चाहिए।

इस अंतराल में उन्हें अपने फोन या किसी भी डिजिटल गैजेट का उपयोग नहीं करना चाहिए। अगर किसी को इन चार घंटों में परेशानी होती है तो यह चिंता करने की बात है।

दैनिक जीवन से दूर जाना डिजिटल नशा का संकेत:

गैजेट्स के आदी लोग हमेशा गैजेट्स के बारे में सोचते रहते हैं या जब वे इन चीजों का उपयोग नहीं करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें अनिद्रा या चिड़चिड़ापन होने लगता है। डिजिटल लत किसी भी अन्य लत जितनी खराब है। अगर आपको डिजिटल लत है तो ये संकेत है कि आप अपने दैनिक जीवन से दूर जा रहे हैं।

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जहां तक संभव हो डिजिटल गैजेट्स से रहें दूर:

ऐसे लोग व्यक्तिगत स्वच्छता तथा अपनी उपेक्षा तक कर सकते हैं। वे समाज, अपने परिवार से बात करना भी बंद कर देते हैं और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में सोचना या अपने नियमित काम करना भी बंद कर देते हैं। ऐसे लोगों में अवसाद, चिंता, उग्रता, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन के साथ-साथ अन्य चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी भी हो सकती है।