भारत और पाकिस्तान के बीच कौन -से भीषण युद्ध हुए?
अग्रेजो से आजादी के बाद हिंदुस्तान से अलग होकर पाकिस्तान बनाया गया, किसी पता था की हिंदुस्तान ने निकला हिस्सा पाकिस्तान से भारत क सम्बन्ध में खटास आजयेगी और…
अग्रेजो से आजादी के बाद हिंदुस्तान से अलग होकर पाकिस्तान बनाया गया, किसी पता था की हिंदुस्तान ने निकला हिस्सा पाकिस्तान से भारत क सम्बन्ध में खटास आजयेगी और दोनों के बीच कई भीषण युद्ध होंगे , आज हम आपको बताने जा रहे है की भारत और पाक के बीच कौनसा युद्ध हुए है और उनके क्या परिणाम रहे है, भारत और पाक के बीच सबसे भीषण युद्ध रहे है1947-48, 1965, 1971 और 1999 में हुए। युद्ध के अन्य कई कारणों में सीमा विवाद, कश्मीर समस्या, जल विवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर विवाद रहे हैं।

भारत – पाकिस्तान युद्ध (1947- 48)
1947 में जब भारत का विभाजन हुआ था, मुस्लिम बहुल कश्मीर के हिन्दू शासक महाराजा हरि सिंह ने स्वतंत्र कश्मीर राज्य का सपना सजोये था। हालांकि सितंबर 1947 में जब कश्मीर के पश्चिमी हिस्से में मुसलमानों की हत्या की खबरे आयी , तब राज्य में विभाजन के दंगे सुलेख उठे और इसकी वजह से राज्य की जनता ने महाराजा के खिलाफ विद्रोह कर दिया और खुद के आजाद कश्मीर सरकार की घोषणा कर डाली
भारत– पाकिस्तान के बीच इस मसले में विवाद तब थमा जब भारत के प्रधानमंत्री नेहरू ने पाकिस्तान को जम्मू और कश्मीर का एक हिस्सा है जिसे "पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके)" कहते हैं और पाकिस्तान में भारतीय कश्मीर को "भारत अधिकृत कश्मीर" कहा जाता है। यह समस्या दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दे में से एक है।
भारत और पाकिस्तान के बीच कई विवादों के कारण उत्तपन हुआ 1965
भारत के विभाजन में नदी जल बंटवारे को लेकर भी कई विवाद शुरू हुआ था । लगभग सभी नदियों – सिंधु, चिनाब, सतलुज, ब्यास और रावी का पानी भारत से होकर गुजरता है। वर्ष 1948 में भारत ने इन नदियों के पानी को बंद कर दिया था।
वर्ष 1960 में नेहरू और अयूब खान के बीच हुए सिंधु जल संधि द्वारा इस विवाद का अंत हुआ। इसके बाद पाकिस्तान झेलम, चेनाब और सिंधु नदी का पानी में अधिकार था। जबकि भारत सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का इस्तेमाल कर सकता था ।

भारत– पाकिस्तान का वर्ष 1971 युद्ध
पाक और भारत के विभाजन के बाद बंगाल का पूर्वी हिस्सा, पूर्वी पाकिस्तान के तौर पर, पाकिस्तान से जुड़ गया और पाकिस्तान के इन दो हिस्सों के बीच भारत की 1200 मीलों की सीमा पड़ती थी । इसके अलावा, पाकिस्तान की सैन्य सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान पर उर्दू भाषा को थोप दिया।जब पाकिस्तान ने कश्मीर में भारतीय हवाईअड्डों पर हमला किया, तब भारत ने करारा जवाब देते हुए पूर्व और पश्चिम दोनों ही पाकिस्तान पर हमला बोल दिया।
बातचीत भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जेड.ए. भुट्टो के बीच हुई। परिणामस्वरूप जून 1972 में दोनों देशों के बीच शांति और व्यवस्था बहाली हेतु शिमला समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
भारत– पाकिस्तान युद्धः करगरिल वॉर 1999
जम्मू और कश्मीर के कारगिल जिले और नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान के सैनिकों और कश्मीरी आतंकवादियों की घुसपैठ के कारण इस युद्ध का जन्म हुआ
लद्दाख की भारतीय सीमा को राज्य के उत्तरी इलाके से अलग करने वाले इस इलाके में घुसपैठ ने भारतीय सेना को चौंका दिया और कारगिल क्षेत्र से दुश्मनों को निकाल बाहर करने के लिए ऑपरेशन विजय का फैसला लिया गया।कारगिल क्षेत्र की सबसे उंची चोटियों में से एक टाइगर हिल युद्ध के दौरान केंद्र बिन्दु बना था ।
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भारतीय वायु सेना ने अभियान में हिस्सा लिया और 60 से अधिक दिनों तक चले इस युद्ध में भारत ने टाइगर हिल पर अपना कब्जा जमाया और पाकिस्तानी सेना को उनकी सीमा में वापस जाने के लिए विवश कर दिया और विश्व जीत हासिल की ।



