इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद RJD सांसद ने की मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की महारैली को लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने…
रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की महारैली को लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता मनोज पांडे ने रैली को 'फ्लॉप' बताने वालों की आलोचना की है।
मनोज झा ने कहा कि यह स्थिति सिर्फ़ वोट चोरी की नहीं, बल्कि "नाइंसाफ़ी और बेईमानी के एक आर्किटेक्चर" की है, जिसके प्रतीक ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने आरोप लगाया, "...जिनकी डोर भारत सरकार के सबसे शीर्ष स्तर के दो नेताओं के हाथ में है।" झा के मुताबिक, रैली ने एक ऐसा संदेश दिया है, जिसे सुनकर ज्ञानेश कुमार को खुद ही पद छोड़ देना चाहिए, अन्यथा "लोकतंत्र अपने आप को बचाने के लिए और कई विकल्पों को तलाश सकता है।"
रैली को लेकर विपक्ष और भाजपा में जुबानी जंग
झामुमो नेता मनोज पांडे ने रामलीला मैदान की रैली को अभूतपूर्व बताते हुए भाजपा को 'सिरफिरों की टोली' करार दिया। उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि कुछ लोग एआई से कुछ बनाकर उसे ट्रोल कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह तो फ्लॉप हो गया। अगर आप ऐसा बोल रहे हैं, तो आपको इलाज की जरूरत है।" पांडे ने दावा किया कि शांतिपूर्ण रैली के दौरान केंद्र सरकार ने पुलिसकर्मियों से व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद करवाए, जो उनकी "हताशा और निराशा को साफ दर्शाता है।"
वहीं, सरकार पर अराजकता फैलाने के आरोपों का जवाब देते हुए सांसद मनोज झा ने सवाल किया, "छात्र अपने हित की बात करें, क्या वह अराजकता है? लोग एक ईमानदार व्यवस्था चाहते हैं। क्या यह अराजकता है? सवाल पूछे जाएं, क्या वह अराजकता है?"
चुनावों और अन्य मुद्दों पर भी टिप्पणी
मनोज पांडे ने आगामी पंजाब चुनावों पर कहा कि वहां भाजपा का एक खाता खुलना भी बड़ी बात होगी। उन्होंने किसान आंदोलन का ज़िक्र करते हुए कहा कि तब सिखों की "पगड़ी उछाली गई" और उन्हें "बर्बरतापूर्वक पीटा गया था।" उन्होंने भाजपा पर 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाने का आरोप लगाया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो ममता बनर्जी आज भी सरकार बना लेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां 29 लाख वोट काट दिए गए थे।
इनपुट: IANS



