24 घंटे में दो बार भागा, ड्रोन से जंगल में खोजा गया: कोयंबटूर पुलिस की हिरासत से भागे आरोपी की कहानी
पुलिस हिरासत से 24 घंटे के भीतर दो बार भागने वाले एक 25 वर्षीय विचाराधीन कैदी को आखिरकार पकड़ लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के लिए एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया…
पुलिस हिरासत से 24 घंटे के भीतर दो बार भागने वाले एक 25 वर्षीय विचाराधीन कैदी को आखिरकार पकड़ लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के लिए एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया गया, जो इरोड जिले के सत्यमंगलम के घने जंगलों में समाप्त हुआ, जहाँ ड्रोन की मदद से उसका पता लगाया गया।
मंगलवार को कोयंबटूर की रेसकोर्स पुलिस ने आरोपी राघवन उर्फ कोजिकरण से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि वह दो बार सुरक्षाकर्मियों को चकमा देने में कैसे कामयाब रहा और कोयंबटूर सेंट्रल जेल परिसर से भागने के बाद जंगल तक कैसे पहुंचा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस दौरान उसे किसी से मदद मिली थी।
पुलिस की गिरफ्त से बार-बार फरार
राघवन का पुलिस हिरासत से भागने का पुराना इतिहास रहा है। इरोड जिले के भवानीसागर स्थित श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास केंद्र का निवासी राघवन डकैती और चोरी समेत कई आपराधिक मामलों में आरोपी है। इससे पहले वह जून 2026 में बेंगलुरु ले जाते समय भी भाग निकला था।
हालिया घटनाक्रम 30 अक्टूबर को शुरू हुआ जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन वह उसी शाम अन्नूर पुलिस स्टेशन से भाग गया। पुलिस ने तुरंत पीछा कर उसे दोबारा पकड़ लिया।
जेल परिसर में हमला और निलंबन
उसी रात जब एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी उसे रिमांड के लिए कोयंबटूर सेंट्रल जेल ले जा रहे थे, तब राघवन ने उन पर हमला कर दिया और एक बार फिर भाग निकला। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और भागने के संबंध में एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है।
ड्रोन से जंगल में तलाशी
राघवन के भागने के बाद उसे पकड़ने के लिए छह विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया था। तलाशी अभियान इरोड, नीलगिरी जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों कर्नाटक और केरल तक फैलाया गया। जब पुलिस को सूचना मिली कि वह सत्यमंगलम वन क्षेत्र में छिपा है, तो निगरानी तेज कर दी गई। पुलिस के एक विशेष दल ने ड्रोन कैमरों की मदद से रात के समय एक ऑपरेशन में उसके सटीक ठिकाने का पता लगाया, इलाके की घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस उसे संबंधित अदालत में पेश करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा में रखने की व्यवस्था करेगी।
इनपुट: IANS



