बेंगलुरु: महंगी एंटीबायोटिक्स के नाम पर नकली दवाओं का गोरखधंधा, ED ने 5 ठिकानों पर मारे छापे
बेंगलुरु में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नकली दवाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच ठिकानों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की है। ये छापे उन लोगों और कंपनियों पर मारे गए जो कथित तौर पर सस्ती…
बेंगलुरु में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नकली दवाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच ठिकानों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की है। ये छापे उन लोगों और कंपनियों पर मारे गए जो कथित तौर पर सस्ती जेनेरिक दवाओं को फाइजर जैसी बड़ी कंपनियों की महंगी एंटीबायोटिक्स बताकर बेच रहे थे। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
यह मामला इस साल अगस्त में सामने आया था, जब 18 अगस्त को ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी और पुलिस ने तवरेकेरे के सीके तांड्या गांव में एक घर पर छापा मारा था। वहां आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस या परमिट के दवाओं का भंडारण और उनकी री-लेबलिंग करते हुए पाए गए थे। इसी FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
ऐसे चल रहा था नकली दवाओं का खेल
जांच में सामने आया है कि आर. प्रशांत नाम के एक व्यक्ति ने बिदादी के पास एक फार्महाउस किराए पर लिया था, जहां दवाओं को बनाने, दोबारा पैक करने और उन पर नया लेबल लगाने का काम होता था। एजेंसी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों से सस्ती दवाएं थोक में मंगवाते थे।
इसके बाद इन जेनेरिक दवाओं को नई शीशियों में भरकर उन पर धोखे से फाइजर की महंगी एंटीबायोटिक्स, जैसे 'जेविसेफ्टा' और 'एम्ब्लेवो' के लेबल लगा दिए जाते थे। इस तरह शीशी के अंदर सामान्य दवा होती थी, लेकिन बाहर से वह ब्रांडेड और कीमती दिखती थी।
अस्पतालों तक कैसे पहुंचती थीं नकली दवाएं
इन नकली दवाओं को मेसर्स डीएम फार्मास्यूटिकल्स के जरिए बाजार में उतारा जाता था और मेसर्स कृपा हेल्थकेयर को सप्लाई किया जाता था। जांच के अनुसार, कृपा हेल्थकेयर ने पकड़े जाने से बचने के लिए इन नकली दवाओं को असली दवाओं के साथ मिलाकर दूसरी दवा कंपनियों और अस्पतालों को बेच दिया।
ED ने छापेमारी के दौरान वीरेश कुमार नाम के एक व्यक्ति के बैंक खाते में जमा करीब 9 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। इसके अलावा, तलाशी में कई डिजिटल डिवाइस, रिकॉर्ड और आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



