शिवसेना का विपक्ष पर हमला: 'वोट चोरी के सबूत हैं तो राष्ट्रपति के पास क्यों, सुप्रीम कोर्ट जाएं'
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कथित वोट चोरी के मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की…
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कथित वोट चोरी के मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की विपक्ष की योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनके पास ठोस सबूत हैं, तो उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कायंदे ने इस आंदोलन को चुनाव आयुक्त को हटाने के बजाय 'कांग्रेस को बचाने' की कोशिश करार दिया।
कायंदे ने कहा कि विपक्ष को राष्ट्रपति के पद की गरिमा और उनकी संवैधानिक भूमिका को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के पास वोट चोरी के ठोस सबूत हैं तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए। वहां वकील के माध्यम से अपने आरोपों को प्रमाणित करना चाहिए और आवश्यक साक्ष्य पेश करने चाहिए।"
'राजनीतिक कोमा में विपक्ष'
मनीषा कायंदे ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है और वह "राजनीतिक कोमा" में चला गया है। उन्होंने कहा कि अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए विपक्ष बार-बार नए विवाद खड़े कर रहा है और बिना प्रमाण के हंगामा करके देश में अशांति का माहौल दिखाने के लिए "फेक नैरेटिव" फैला रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के ईवीएम और वोट चोरी से जुड़े आरोप पहले ही खारिज हो चुके हैं, क्योंकि कांग्रेस तो बैलट पेपर से हुए चुनावों में भी हारी है।
राहुल गांधी और RSS पर निशाना
आरएसएस पर राहुल गांधी की टिप्पणी की भी कायंदे ने आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राष्ट्र निर्माण से जुड़े संगठन के इतिहास को समझे बिना टिप्पणी की है। उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल की "सफेद टी-शर्ट के पीछे काला दिल छिपा है" और उन्हें गरीब जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।
व्यापारियों की चिंता और अंतरराष्ट्रीय छवि
शिवसेना नेता ने दिवाली के त्योहारी सीजन में दिल्ली में होने वाली रैली से व्यापारियों को हो रही परेशानी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लगातार आंदोलनों और बंद से कारोबार प्रभावित होता है, जिसका ध्यान राजनीतिक दलों को रखना चाहिए। कायंदे ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ऐसे बयान देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।
इनपुट: IANS



