विपक्ष पर विदेशी फंडिंग का आरोप: सपा सांसद ने अमित शाह से कार्रवाई की मांग की
समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के उस आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें विपक्ष पर विदेशी ताकतों से मिलकर भारत को कमजोर करने की बात कही गई थी। पांडे ने चुनौती…
समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के उस आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें विपक्ष पर विदेशी ताकतों से मिलकर भारत को कमजोर करने की बात कही गई थी। पांडे ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर ये आरोप सही हैं तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पूरे विपक्ष पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सनातन पांडे ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा अध्यक्ष के पास विपक्ष की विदेशी फंडिंग को लेकर जानकारी है, तो गृह मंत्री इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की छवि खराब करने या उसकी एकता-अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह सत्ता पक्ष से हो या विपक्ष से। सपा सांसद ने कहा कि अगर सरकार में ऐसा करने का साहस नहीं है, तो इस तरह के बयानों से संविधान और लोकतंत्र में विश्वास करने वाले लोगों को ठेस पहुंचती है।
विभिन्न मुद्दों पर सपा सांसद की राय
इस दौरान सनातन पांडे ने कई अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की असहमति की आवाज दबाए जाने की चिंताओं का समर्थन किया और कहा कि मौजूदा सरकार में विरोध को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने जेनजी (GenZ) का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा जाति-धर्म से ऊपर उठकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
चुनाव प्रणाली और मुख्यमंत्री का बयान
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा एसआईआर के बचाव पर प्रतिक्रिया देते हुए पांडे ने कहा कि उन्हें जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि जनता की मांग है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं, तो सरकार इस दिशा में पहल क्यों नहीं करती।" पांडे ने मुख्यमंत्री को सिर्फ बयान देने के बजाय मुख्य चुनाव आयोग से इस संबंध में अनुरोध करने की सलाह दी।
इंडी गठबंधन की रैली और व्यापारियों की अपील
1 नवंबर को प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली को टालने की व्यापारियों की अपील पर सनातन पांडे ने कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन युवाओं और किसानों की आवाज को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैली पर अंतिम निर्णय गठबंधन के नेता लेंगे। हालांकि, उन्होंने व्यापारियों से यह भी सवाल किया कि जीएसटी और नोटबंदी से हुए नुकसान के समय उन्होंने ऐसी मांगें क्यों नहीं उठाई थीं, जब कई दुकानदारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था।
इनपुट: IANS



