रविवार, 25 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

पंजाब में स्लीपर बसों पर NHRC और केजरीवाल आमने-सामने, सुरक्षा मानकों को लेकर बढ़ा विवाद

पंजाब में कथित तौर पर असुरक्षित स्लीपर बसों के संचालन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। NHRC सदस्य…

पंजाब में स्लीपर बसों पर NHRC और केजरीवाल आमने-सामने, सुरक्षा मानकों को लेकर बढ़ा विवाद
(फोटो: IANS)

पंजाब में कथित तौर पर असुरक्षित स्लीपर बसों के संचालन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने केजरीवाल पर जांच का विरोध कर लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है, जबकि केजरीवाल ने आयोग की कार्रवाई को एकतरफा और सिर्फ़ पंजाब को निशाना बनाने वाला बताया है।

विज्ञापन

यह पूरा विवाद तब सामने आया जब NHRC की एक पीठ ने पंजाब में असुरक्षित बसों के संचालन से जुड़ी एक शिकायत पर संज्ञान लिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था, जिसके बाद से इस पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।

NHRC सदस्य का केजरीवाल पर सीधा हमला

शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रियंक कानूनगो ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "डरिए मत अरविंद। हमने अभी तक उन कमीशनों की जांच शुरू नहीं की है, जो इन बसों को चलाने से आपको मिल रहे हैं।" कानूनगो ने आरोप लगाया कि राजनीतिक और कमीशन के हितों के लिए आम नागरिकों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी नागरिक की जान को खतरा हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी।

कानूनगो ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि एक तरफ पंजाब सरकार दावा करती है कि राज्य में कोई स्लीपर बस पंजीकृत नहीं है, वहीं दूसरी ओर केजरीवाल NHRC की जांच का विरोध कर रहे हैं।

क्या है NHRC की कार्रवाई?

प्रियंक कानूनगो के अनुसार, पंजाब को भेजा गया नोटिस कोई अलग मामला नहीं है, बल्कि यह देशभर में चल रहे एक अभियान का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में आयोग ने मानकों पर खरी न उतरने वाली करीब 1,000 बसों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिन्हें या तो बंद कराया गया है या उन पर प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में पंजाब परिवहन विभाग ने आयोग को सूचित किया था कि राज्य में कोई स्लीपर कोच बस पंजीकृत नहीं है। कानूनगो ने कहा कि इसी विरोधाभास की जांच के लिए पत्र भेजा गया है ताकि यह पता चल सके कि ये बसें आखिर किस आधार पर चल रही हैं।

केजरीवाल ने उठाए जांच पर सवाल

इससे पहले, अरविंद केजरीवाल ने NHRC की इस जांच पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि यह पहली बार है जब मानवाधिकार आयोग बसों का निरीक्षण कर रहा है और उसने सिर्फ़ पंजाब की उन सुपर डीलक्स बसों को निशाना बनाया है, जिनसे लोग धार्मिक यात्राएं करते हैं।

केजरीवाल ने पूछा था कि क्या NHRC ने उत्तर प्रदेश रोडवेज या अन्य राज्यों की बसों का भी निरीक्षण किया है। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ पंजाब की बसों की जांच करना कई सवाल खड़े करता है।

इनपुट: IANS

N

News4Social राजनीति डेस्क

News4Social राजनीति डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राजनीति और चुनाव से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →