भारत-भूटान संबंध: विदेश सचिव विक्रम मिस्री के दौरे पर 10,000 करोड़ की सहायता और कई अहम समझौतों की समीक्षा
भारत ने भूटान के साथ अपने गहरे संबंधों और विकास साझेदारी को और मजबूती दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिस्री के भूटान दौरे पर दोनों देशों ने 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के…
भारत ने भूटान के साथ अपने गहरे संबंधों और विकास साझेदारी को और मजबूती दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिस्री के भूटान दौरे पर दोनों देशों ने 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत भारत की 10,000 करोड़ रुपए की सहायता के कार्यान्वयन की समीक्षा की। 30 जुलाई से शुरू हुए इस दौरे पर विदेश सचिव मिस्री ने अपने भूटानी समकक्ष पेमा लेकटुप दोरजी के साथ 5वीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की सह-अध्यक्षता की।
अपनी यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने भूटान के राजा, प्रधानमंत्री शेरिंग टोबग और विदेश मंत्री ल्योनपो डी.एन. धुंग्येल से भी मुलाकात की। इन बैठकों में विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी समेत आपसी महत्व के विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
विकास परियोजनाओं को मिली गति
वार्ता के दौरान भारत द्वारा भूटान को दी जा रही 100 अरब भूटानी नगुल्ट्रम (10,000 करोड़ रुपए) की सहायता की प्रगति पर गौर किया गया। इसी बैठक में, 332 करोड़ रुपए (3,320 मिलियन नगुल्ट्रम) की लागत वाली 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। ये परियोजनाएं स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, कृषि, शहरी सुविधाओं और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इसके साथ ही, 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत अब तक कुल 82 परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनकी कुल राशि 6,860 करोड़ रुपए (68,600 मिलियन नगुल्ट्रम) है।
स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में नए समझौते
इस दौरे पर दो महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान भी हुआ। पहला, भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 4000 करोड़ रुपए की रियायती ऋण व्यवस्था शुरू करने हेतु भारत के एग्जिम बैंक और भूटान सरकार के बीच एक समझौता हुआ। दूसरा, नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) और भूटान के खेसर ग्यालपो यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के बीच स्वास्थ्य शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में सहयोग के लिए एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
अन्य महत्वपूर्ण पहल
दोनों विदेश सचिवों ने थिम्पू में एक इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का वर्चुअली उद्घाटन किया, जिन्हें 'ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर' परियोजना के तहत विकसित किया गया है। साथ ही, भूटान में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने की परियोजना के तहत खरीदे गए 45 इलेक्ट्रिक वाहन भी भूटानी सरकार को सौंपे गए। भारतीय पक्ष ने भूटान के विकास एजेंडे का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिस पर भूटानी पक्ष ने भारत के सहयोग की सराहना की। दोनों देश अगली योजना वार्ता नई दिल्ली में आयोजित करने पर सहमत हुए।
इनपुट: IANS



