गुमला: आदिवासी नेता निशा भगत की आत्महत्या, पिता ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप, CBI जांच की मांग
झारखंड की आदिवासी नेता निशा भगत की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। उनके पिता ने राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जमीन माफिया से मिल रही धमकियों के बावजूद प्रशासन…
झारखंड की आदिवासी नेता निशा भगत की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। उनके पिता ने राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जमीन माफिया से मिल रही धमकियों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे निराश होकर निशा ने यह कदम उठाया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में अब सीबीआई जांच की मांग उठ रही है।
निशा के पिता देवेंद्र लाल उरांव ने अपनी बेटी को एक 'लड़ाकू और साहसी' लड़की बताते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रही थीं। उनका आरोप है कि सरकार ने उनके किसी भी मामले को हल नहीं किया, जिससे वह निराश हो गई थीं। देवेंद्र लाल उरांव के मुताबिक, निशा ने फेसबुक लाइव के दौरान स्पष्ट किया था कि वह भू-माफियाओं के खिलाफ लड़ रही हैं, लेकिन सरकार ने इसका संज्ञान नहीं लिया।
प्रशासन पर निष्क्रियता के आरोप
पिता का दावा है कि निशा भगत को लगातार परेशान किया जा रहा था, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, "सरकार ने उसके किसी भी मामले को हल नहीं किया।" देवेंद्र लाल उरांव ने मांग की है कि निशा द्वारा नामित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और अब इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए ताकि "दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।"
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाई आवाज
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र लालूराम ने भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। लालूराम के अनुसार, निशा अपने समाज के मुद्दों, धर्म और संस्कृति के लिए निडरता से आवाज उठा रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि "भू माफियाओं द्वारा और सरकार के चमचों के द्वारा और पुलिस-प्रशासन के जरिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।" उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर निशा के निजी जीवन पर लगातार हमले किए जा रहे थे, जिससे आहत होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
इनपुट: IANS



