लक्षद्वीप: उपराष्ट्रपति ने 'मिशन रंगीन मछली 2031' का किया शुभारंभ, मत्स्य पालन को मिलेगी नई गति
भारत की 'नीली क्रांति' को एक नया आयाम देते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को लक्षद्वीप में एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अगात्ती में आयोजित एक…
भारत की 'नीली क्रांति' को एक नया आयाम देते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को लक्षद्वीप में एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अगात्ती में आयोजित एक मत्स्य पालन आउटरीच कार्यक्रम में उन्होंने सजावटी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 'मिशन रंगीन मछली 2031' नामक रणनीतिक कार्य योजना जारी की।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने मत्स्य पालन क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सहायता भी वितरित की। उन्होंने इस दिन को लक्षद्वीप के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज में नीला चक्र 'नीली क्रांति' और समुद्री अर्थव्यवस्था की विशाल संभावनाओं का प्रतीक है।
लक्षद्वीप के लिए विशेष योजनाएं
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बताया कि सरकार अब लोगों के पास खुद चलकर मदद और योजनाएं पहुंचा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' के अंतर्गत विशेष रूप से लक्षद्वीप के लिए 62 करोड़ रुपये से अधिक की मत्स्य पालन विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
समुद्री क्षमता और निर्यात
लक्षद्वीप की अपार समुद्री क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इन द्वीपों में मछली पकड़ने की अनुमानित क्षमता एक लाख टन से भी ज़्यादा है, जिसमें लगभग 94,000 टन टूना जैसी मछलियां शामिल हैं। उन्होंने इस क्षमता का वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। उपराष्ट्रपति ने भारत के बढ़ते समुद्री खाद्य निर्यात का भी उल्लेख किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 73,000 करोड़ रुपये को पार कर गया और 120 से अधिक देशों तक पहुंचा।
युवाओं और भविष्य का आह्वान
उपराष्ट्रपति ने युवाओं से आग्रह किया कि वे मत्स्य पालन को केवल एक पारंपरिक पेशे के रूप में न देखें, बल्कि इसे विज्ञान, तकनीक और वैश्विक अवसरों से युक्त एक आधुनिक क्षेत्र समझें। उन्होंने हरित और श्वेत क्रांति की तरह 'नीली क्रांति' में भी मछुआरा समुदायों के जीवन को बदलने की क्षमता पर विश्वास जताया और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के लिए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया।
इनपुट: IANS



