तीन द्वीपों पर UAE के दावे को ईरान ने नकारा, कहा- 'UN में झूठ दोहराने से हकीकत नहीं बदलेगी'
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा तीन द्वीपों पर कब्ज़े के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने इसे 'बिना आधार वाला दावा' बताते…
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा तीन द्वीपों पर कब्ज़े के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने इसे 'बिना आधार वाला दावा' बताते हुए कहा कि ये द्वीप ईरान के अभिन्न अंग हैं और झूठे दावे पेश करने से सच्चाई नहीं बदल सकती।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विवाद ग्रेटर टुनब, लेसर टुनब और अबू मूसा द्वीपों को लेकर है, जिन पर ईरान ने 1971 में नियंत्रण कर लिया था। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित इन द्वीपों पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के सैन्य ठिकाने भी हैं।
संयुक्त राष्ट्र में क्या कहा UAE ने?
संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूएई के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा, "ईरान ने तीन अमीराती द्वीपों पर अपना कब्जा जारी रखा है, जिसे हम स्वीकार नहीं करते।" अल मरार ने इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करते हुए कहा कि इसे सीधी बातचीत या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने समुद्री रास्तों पर जहाजों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
ईरान का कड़ा जवाब
यूएई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, "ईरानी द्वीपों को लेकर बिना आधार के दावों को बार-बार दोहराने से हकीकत नहीं बदलती, भले ही ये दावे संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से ही क्यों न किए जाएं। ग्रेटर टुनब, लेसर टुनब और अबू मूसा ईरान के क्षेत्र का ऐसा हिस्सा हैं, जिन्हें उससे अलग नहीं किया जा सकता।"
गरीबाबादी ने आगे कहा, "यूएई के अधिकारियों को बिना आधार वाले दावों को दोहराने के बजाय अच्छे पड़ोसी संबंधों की जरूरतों का सम्मान करना चाहिए और इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और कानूनी सच्चाइयों को स्वीकार करना चाहिए।"
इनपुट: IANS



