PoK में बिगड़ते हालात पर भारत ने UN में पाकिस्तान को घेरा, कहा- नागरिकों की मौत हो रही
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते मानवाधिकार हालात का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है। भारत ने परिषद को बताया कि जून से वहां…
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते मानवाधिकार हालात का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है। भारत ने परिषद को बताया कि जून से वहां नागरिकों की मौत हो रही है और छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह टिप्पणी तब आई जब पाकिस्तान ने बुधवार को परिषद के सत्र में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की। इसके जवाब में जिनेवा में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने दशकों से सीमापार आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि वह जम्मू-कश्मीर पर सवाल उठाने की स्थिति में नहीं है। भारत ने अपना रुख दोहराया कि "जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा।"
PoK में मानवाधिकारों का हनन
त्यागी ने परिषद का ध्यान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की गंभीर स्थिति की ओर खींचा। उन्होंने बताया कि वहां जून से आम नागरिकों की मौत की खबरें हैं, छात्रों को इस्लामाबाद और रावलपिंडी में गिरफ्तार किया जा रहा है और भोजन व दवाओं जैसी जरूरी चीजों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा, "अगर इस कमरे में कोई भी प्रतिनिधिमंडल इस परिषद की जांच के हर मानदंड को पूरा करता है, तो वह पाकिस्तान है।"
पाकिस्तान को आर्थिक विकास पर ध्यान देने की नसीहत
भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान को अपनी आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने की सलाह दी। क्षितिज त्यागी ने कहा, "पाकिस्तान दूसरों के इलाके पर कब्जा करने या आतंक फैलाने के बजाय, विकास पर ध्यान देकर अपने लोगों की बेहतर सेवा करेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो ये तरीके और न ही काउंसिल में उसकी "नौटंकी", उसकी अर्थव्यवस्था के लोन चुकाने में मदद करेगी।
सीमापार आतंकवाद और कश्मीरी पंडितों का जिक्र
त्यागी ने 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के निष्कासन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "उन्हें उन आतंकवादियों ने अपने घरों से निकाल दिया था, जिन्हें पाकिस्तान ने हथियार दिए, प्रशिक्षित किया और सीमा पार भेजा।" उन्होंने आगे कहा कि उन आतंकवादियों ने तब से हर धर्म के कश्मीरियों को मारा है, जिनमें कई मुसलमान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "जिस देश ने उन्हें प्रायोजित किया, वह अब इस परिषद से जांच की मांग कर रहा है। इस परिषद से यह विडंबना छिपी नहीं रहेगी।" त्यागी ने यह भी बताया कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में पूरी तरह से भाग लेती है।
इनपुट: IANS



