यूक्रेन के समर्थन में 51 देश एकजुट, संयुक्त राष्ट्र में रूस से तत्काल युद्धविराम की अपील
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से 51 देशों ने एकजुट होकर रूस से यूक्रेन में अपनी सैन्य कार्रवाई तत्काल रोकने और बिना शर्त युद्धविराम के लिए सहमत होने की अपील की है। यूक्रेन ने कहा है कि वह मार्च 2025…
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से 51 देशों ने एकजुट होकर रूस से यूक्रेन में अपनी सैन्य कार्रवाई तत्काल रोकने और बिना शर्त युद्धविराम के लिए सहमत होने की अपील की है। यूक्रेन ने कहा है कि वह मार्च 2025 से पूर्ण युद्धविराम के लिए तैयार है और अब रूस को भी शांति के लिए गंभीरता से बातचीत में शामिल होना चाहिए।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह संयुक्त अपील यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से ठीक पहले की गई। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "यूक्रेन शांति चाहता है। हम शांति चाहते हैं। रूस को अपनी सैन्य कार्रवाई रोकनी चाहिए, युद्धविराम स्वीकार करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक पूरी तरह न्यायपूर्ण और लंबे समय तक टिकने वाली शांति के लिए गंभीरता के साथ बातचीत में शामिल होना चाहिए।"
साझा बयान में क्या कहा गया?
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने यूरोपीय संघ समेत 51 देशों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान पढ़ा। इस बयान में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों, विशेष रूप से सभी देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया गया। बयान में कहा गया, "बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू हुए चार साल, छह महीने और तीस दिन हो चुके हैं और इंसानी नुकसान लगातार बढ़ रहा है।"
देशों ने पूरे यूक्रेन में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर रूस के बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। बयान में संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा गया कि पिछले कुछ महीनों में इन हमलों में हताहतों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
काला सागर में हमलों पर चिंता
इस संयुक्त अपील में काला सागर में हो रहे हमलों पर विशेष चिंता जताई गई है। देशों ने कहा कि रूस यूक्रेन के अनाज निर्यात को बाधित करने की कोशिश कर रहा है, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। उन्होंने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की अपील का समर्थन किया।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बताया कि उन्होंने काजा कल्लास और फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन नोएल बैरो के साथ मिलकर मीडिया से बात की और रूस से शांति का रास्ता चुनने की एकजुट अपील की। समर्थन करने वाले देशों में यूरोपीय संघ के सदस्य, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे कई प्रमुख देश शामिल हैं।
इनपुट: IANS



