सोमवार, 13 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

उमर अब्दुल्ला के रिश्वत वाले बयान पर BJP का पलटवार, 100 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाए गए रिश्वत के आरोपों के बाद विवाद गहरा गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भाजपा ने मुख्यमंत्री को एक कानूनी नोटिस भ

उमर अब्दुल्ला के रिश्वत वाले बयान पर BJP का पलटवार, 100 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाए गए रिश्वत के आरोपों के बाद विवाद गहरा गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भाजपा ने मुख्यमंत्री को एक कानूनी नोटिस भेजकर सात दिनों के भीतर माफी मांगने को कहा है, ऐसा न करने पर 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी है।

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यह पूरा मामला 11 जुलाई को श्रीनगर में हुए एक कार्यक्रम में उमर अब्दुल्ला के एक बयान से शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील ने उनकी पार्टी के एक विधायक से संपर्क साधा था। अब्दुल्ला के अनुसार, विधायक को 20 से 30 करोड़ रुपए की रिश्वत और मंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया था।

कानूनी नोटिस में क्या है?

भाजपा की ओर से यह कानूनी नोटिस पार्टी के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतपाल शर्मा के माध्यम से भेजा गया है। वकील परिमोक्ष सेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं। नोटिस में मांग की गई है कि उमर अब्दुल्ला सात दिनों के अंदर लिखित रूप से अपना बयान वापस लें, सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें और भविष्य में ऐसे आरोप न लगाने का आश्वासन दें।

वकील ने चेतावनी दी है कि अगर मुख्यमंत्री निर्धारित समय में इन मांगों को पूरा नहीं करते हैं, तो पार्टी उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक, दोनों तरह की कानूनी कार्रवाई करेगी। इसमें 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा भी शामिल है।

'आरोप साबित करें या माफी मांगें'

भाजपा का कहना है कि इस बयान के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से पार्टी की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है। पार्टी ने इस मामले पर दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की थी, लेकिन उनकी तरफ से अब तक कोई प्रमाण नहीं दिया गया है।

वकील परिमोक्ष सेठ ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने राज्य में 24,000 नौकरियों को कथित तौर पर आउटसोर्सिंग और पिछले दरवाजे से दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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