यूक्रेन के सुमी में भारतीय दवा कंपनी पर ड्रोन हमला, एक कर्मचारी की मौत और करोड़ों का नुकसान
यूक्रेन के सुमी शहर में एक भारतीय दवा कंपनी की विनिर्माण इकाई पर हुए ड्रोन हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कुसुम…
यूक्रेन के सुमी शहर में एक भारतीय दवा कंपनी की विनिर्माण इकाई पर हुए ड्रोन हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कुसुम हेल्थकेयर नामक इस कंपनी ने एक बयान जारी कर बताया कि 4 अक्टूबर को हुए इस हमले में उसके प्लांट को भारी क्षति पहुँची है, जिसका शुरुआती अनुमान 5 करोड़ डॉलर से अधिक का है।
कंपनी के मुताबिक, यह हमला उसके जीवनरक्षक दवाओं के उत्पादन केंद्र पर किया गया। सुमी यूक्रेन के उत्तर-पूर्व में रूस की सीमा के पास स्थित है और युद्ध शुरू होने के बाद से ही यहाँ लगातार हमले होते रहे हैं। इस घटना ने युद्ध क्षेत्र में काम कर रही निजी स्वास्थ्य कंपनियों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।
दूसरी बार निशाना बनी कंपनी
कुसुम हेल्थकेयर ने बताया कि यह दूसरी बार है जब यूक्रेन में उसकी संपत्ति को निशाना बनाया गया है। इससे पहले 14 अप्रैल, 2025 को भी एक रूसी ड्रोन हमले में कंपनी का यूक्रेनी गोदाम पूरी तरह नष्ट हो गया था। उस हमले में कंपनी को एक अरब यूक्रेनी रिव्निया से ज़्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ था।
भारत सरकार से हस्तक्षेप की अपील
इस हमले की निंदा करते हुए कंपनी ने कहा है कि युद्ध के बीच इस तरह की घटना का असर न केवल कर्मचारियों पर, बल्कि उन मरीज़ों पर भी पड़ता है जिन्हें दवाओं की ज़रूरत है। कंपनी ने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। बयान में कहा गया है, "उसने भारतीय फार्मास्युटिकल मंचों के माध्यम से सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं और युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए राजनयिक स्तर पर कदम उठाने का आग्रह किया है।"
कुसुम हेल्थकेयर भारत से 22 देशों में दवाओं का निर्यात करती है। भारत में इसके राजस्थान के भिवाड़ी में दो और मध्य प्रदेश के पीथमपुर एसईजेड में एक विनिर्माण संयंत्र हैं। फिलहाल कंपनी की प्राथमिकता प्रभावित कर्मचारियों और घायलों को सहायता पहुँचाना है। भारतीय प्रबंधन घटना के बाद स्थिति की समीक्षा कर रहा है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
इनपुट: IANS



