यूक्रेन-रूस युद्ध: ब्लैक सी में हमलों पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, जयशंकर ने यूक्रेनी विदेश मंत्री से की बात
काला सागर (ब्लैक सी) में जहाजों और भारतीय नाविकों पर हो रहे हमलों को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताते हुए भारत ने उनकी स्पष्ट रूप से निंदा की है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन के…
काला सागर (ब्लैक सी) में जहाजों और भारतीय नाविकों पर हो रहे हमलों को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताते हुए भारत ने उनकी स्पष्ट रूप से निंदा की है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान यह कड़ा रुख व्यक्त किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष के वैश्विक प्रभावों और शांति स्थापना की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब रूस के हमलों का असर यूक्रेन की सीमाओं से बाहर भी महसूस किया जा रहा है। हाल ही में रूस द्वारा किए गए एक बड़े मिसाइल हमले के दौरान पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
बातचीत के मुख्य बिंदु
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि सिबिहा ने उन्हें यूक्रेन संघर्ष और शांति वार्ता से जुड़े हालिया घटनाक्रमों से अवगत कराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों के कारण मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति काफी नाजुक है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर 'ग्लोबल साउथ' के देशों की ईंधन, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है। जयशंकर ने एक बार फिर दोहराया कि भारत हमेशा से बातचीत और कूटनीतिक समाधान का पक्षधर रहा है।
यूक्रेन ने भारत से की यह अपील
वहीं, यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष को राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की हालिया वॉशिंगटन डीसी यात्रा के नतीजों के बारे में जानकारी दी। सिबिहा ने जोर देकर कहा कि रूस के आक्रामक कदमों का असर सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि काला सागर में नागरिक जहाजों पर हमला करके रूस समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता को कमजोर कर रहा है और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने युद्ध को दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता का कारण भी बताया। सिबिहा ने दोहराया कि यूक्रेन एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने भारत से इन शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
इनपुट: IANS



