बुधवार, 22 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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यूक्रेन का रूस पर बड़ा जवाबी हमला, सैन्य आपूर्ति ठिकानों और तेल डिपो को बनाया निशाना

यूक्रेन ने रूस के भीतर लंबी दूरी के हमले कर उसके महत्वपूर्ण सैन्य आपूर्ति केंद्रों और तेल भंडारों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को हुए इन हमलों की जानकारी देते हुए कहा…

यूक्रेन का रूस पर बड़ा जवाबी हमला, सैन्य आपूर्ति ठिकानों और तेल डिपो को बनाया निशाना
(फोटो: IANS)

यूक्रेन ने रूस के भीतर लंबी दूरी के हमले कर उसके महत्वपूर्ण सैन्य आपूर्ति केंद्रों और तेल भंडारों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को हुए इन हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य रूस पर शांति और कूटनीति के लिए दबाव बनाना है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि इन हमलों में रूस के क्रास्नोडार और स्टावरोपोल क्षेत्रों में स्थित अहम ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों का लक्ष्य युद्ध को "पूरी तरह जायज तरीके से वापस रूस की धरती तक ले जाना है।"

हमले में क्या-क्या हुआ तबाह?

जेलेंस्की के दावे के मुताबिक, यूक्रेनी हमलों ने उन लॉजिस्टिक्स हब को निशाना बनाया, जहाँ से रूसी सेना को ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन उपकरण और अन्य जरूरी सैन्य सामान की आपूर्ति की जाती थी। इसके अतिरिक्त, एक तेल भंडारण केंद्र को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि काला सागर और आजोव सागर में रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के एक टैंकर और चार मालवाहक जहाजों पर भी हमला किया गया।

कूटनीति के लिए दबाव बनाने की कोशिश

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन सफल अभियानों के लिए यूक्रेन के रक्षा बलों के सभी जवानों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन ने शांति के लिए रूसी पक्ष के सामने हर तरह का प्रस्ताव रखा है और अब इन हमलों के जरिए उन्हें "कूटनीति का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए।"

रूस के हालिया हमलों का जवाब

यूक्रेन की यह कार्रवाई रूस द्वारा मंगलवार को किए गए भीषण हमलों के ठीक एक दिन बाद हुई है। रूस ने यूक्रेन के जापोरिज्जिया, खेरसोन और ओडेसा में बहुमंजिला रिहायशी इमारतों पर हवाई हमले किए थे, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए। जेलेंस्की ने इन हमलों को युद्ध के नियमों के खिलाफ बताया था। अपने संबोधन में उन्होंने सहयोगी देशों से लगातार सैन्य मदद और रूस पर प्रतिबंध जारी रखने की अपील भी दोहराई, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।

इनपुट: IANS

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