इंग्लैंड में भीषण गर्मी का कहर: मई-जून में हीटवेव से करीब 2900 अतिरिक्त मौतें दर्ज
यूरोप में जुलाई के महीने में भी गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन इंग्लैंड के लिए मई और जून के महीने बेहद जानलेवा साबित हुए हैं। इस दौरान देश में पड़ी भीषण गर्मी (हीटवेव) के कारण पिछले साल की तुलना में…
यूरोप में जुलाई के महीने में भी गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन इंग्लैंड के लिए मई और जून के महीने बेहद जानलेवा साबित हुए हैं। इस दौरान देश में पड़ी भीषण गर्मी (हीटवेव) के कारण पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। समाचार एजेंसी IANS ने ब्रिटेन की यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (यूकेएचएसए) की एक अंतरिम रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि इस साल अब तक हीटवेव से जुड़ी अनुमानित 2,877 अतिरिक्त मौतें हो चुकी हैं।
ये आंकड़े पिछले वर्ष जून से अगस्त 2025 के बीच दर्ज की गई हीटवेव से जुड़ी मौतों की संख्या से करीब दोगुना हैं। हालांकि यूकेएचएसए ने स्पष्ट किया है कि ये शुरुआती आंकड़े हैं, लेकिन ये अब तक के सबसे खराब वर्ष माने जाने वाले 2022 के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
चिंताजनक आंकड़े और चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, 24 से 27 मई के बीच आई पहली हीटवेव में लगभग 753 अतिरिक्त मौतें हुईं। इसके बाद 21 से 28 जून के बीच पड़ी दूसरी और अधिक भीषण गर्मी में यह आंकड़ा बढ़कर 2,124 तक पहुंच गया। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए जून में यूकेएचएसए और मौसम विज्ञान विभाग ने लगातार तीन दिनों तक 'रेड अलर्ट' जारी किया था, जो जीवन के लिए गंभीर खतरे का संकेत होता है। एजेंसियों के मुताबिक, अत्यधिक तापमान और उमस का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को होता है।
विशेषज्ञों की अपील और यूरोप का हाल
बढ़ती गर्मी के इन भयावह परिणामों को देखते हुए विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में तत्काल कमी लाने और लोगों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यूरोप की इस गर्मी के पीछे 'हीट डोम इफेक्ट' एक बड़ी वजह है, जिसमें गर्म हवा वायुमंडल में फंसकर तापमान को लगातार बढ़ाती है।
इंग्लैंड के अलावा फ्रांस ने भी जून में भीषण गर्मी से करीब 1,000 अतिरिक्त मौतों का आंकड़ा जारी किया था। फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटेओ-फ्रांस ने 3 जुलाई की अपनी रिपोर्ट में बताया कि जून 2026 देश का सबसे गर्म जून था, जबसे 1947 में रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ था।
इनपुट: IANS



