उज्जैन: सड़क चौड़ीकरण पर मस्जिद विवाद, VHP ने 'माहौल बिगाड़ने की सुनियोजित कोशिश' बताया
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत चल रही सड़क चौड़ीकरण की एक सरकारी परियोजना विवादों में आ गई है। इसी परियोजना को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने आरोप लगाया है…
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत चल रही सड़क चौड़ीकरण की एक सरकारी परियोजना विवादों में आ गई है। इसी परियोजना को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने आरोप लगाया है कि यह केवल अतिक्रमण हटाने का विरोध नहीं, बल्कि शहर का माहौल बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस घटना को कश्मीर घाटी जैसी पत्थरबाजी से जोड़ते हुए इसे जिहादी और अलगाववादी तत्वों द्वारा लोगों को भड़काने का नतीजा बताया है।
यह पूरा मामला उज्जैन में आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए चल रहे सौंदर्यीकरण और सड़क विस्तार योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत अब तक कुल 80 धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश हिंदू स्थल थे। विवाद उस समय गहराया जब एक शाही मस्जिद का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा हटाने की बात आई।
विवाद और VHP का पक्ष
विनोद बंसल के अनुसार, मस्जिद कमेटी को खुद ही निर्माण का एक छोटा हिस्सा हटाना था और शहर काजी ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। उन्होंने कहा, "लेकिन अलगाववादी सोच वाले, कट्टरपंथी सोच वाले जिहादी तत्वों ने लोगों को भड़काया और गुमराह किया और पत्थरबाज़ी का ऐसा सीन बनाया जैसा कश्मीर घाटी में होता था।"
कांग्रेस नेता पर भी साधा निशाना
इस मुद्दे से इतर, वीएचपी प्रवक्ता ने कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी के एक बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "वो कांग्रेस के ऐसे नेता हैं जो लगातार जिहादी तुष्टिकरण की नीति में आकंठ डूबे हुए हैं।" बंसल ने इसके लिए कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पार्टी प्रमुख "कट्टरपंथी ईसाई महिला" हैं और उनके इशारे पर ही ऐसे बयान दिए जाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह वही कांग्रेस है जो राम मंदिर का विरोध करती थी और सनातन को मिटाना चाहती थी। बंसल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उत्तर और दक्षिण भारत में दरार डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "भगवान शंकर और राम में कोई अंतर नहीं है। भगवान राम ने स्वयं अपने हाथों से दक्षिण भारत में रामेश्वरम की स्थापना की थी।"
इनपुट: IANS



