ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा बयान: पश्चिम एशिया में अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा, इज़रायल ज़िम्मेदार
ईरान ने कहा है कि पश्चिम एशिया के हालात अब हमेशा के लिए बदल गए हैं और इसका ज़िम्मेदार इज़रायल है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को तेहरान में एक विशेष बैठक के दौरान यह बात कही। समाचार एजेंसी…
ईरान ने कहा है कि पश्चिम एशिया के हालात अब हमेशा के लिए बदल गए हैं और इसका ज़िम्मेदार इज़रायल है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को तेहरान में एक विशेष बैठक के दौरान यह बात कही। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अराघची ने स्पष्ट किया कि चाहे युद्ध फिर से शुरू हो या न हो, ईरान की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आएगा।
उन्होंने पिछले डेढ़ साल के संघर्ष, ख़ास तौर पर अमेरिका-इज़रायल के आक्रामक युद्धों को एक 'टर्निंग पॉइंट' यानी महत्वपूर्ण मोड़ बताया। अराघची ने कहा, "इस संघर्ष के बाद अब कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा।" यह बैठक विदेश नीति पर आम सहमति बनाने में दिवंगत राजनयिक कमाल खराज्जी की भूमिका पर केंद्रित थी।
क्षेत्रीय सुरक्षा और विदेशी हस्तक्षेप
अब्बास अराघची ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान एक ऐसी क्षेत्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है जो शांति और स्थिरता पर आधारित हो, जिसे क्षेत्र के देश खुद बिना किसी बाहरी दखल के सुनिश्चित करें। उन्होंने दावा किया, "इजरायल का पर्दाफाश हो चुका है; सब जान गए हैं कि इस क्षेत्र में युद्ध भड़काने वाली एकमात्र ताकत वही है।"
विदेश मंत्री के मुताबिक, विदेशी ताकतों की मौजूदगी ही असुरक्षा का कारण है। उन्होंने कहा, "इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों ने न तो अपने मेजबान देशों को और न ही किसी अन्य देश को शांति या सुरक्षा दी है।" अराघची ने क्षेत्रीय शांति के लिए विदेशी सेनाओं की पूरी वापसी को अनिवार्य शर्त बताते हुए कहा कि "ये ताकतें इस क्षेत्र में इजरायल की रक्षा करने के लिए आई हैं।"
बातचीत और संघर्ष पर ईरान का रुख
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों को अलग-थलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने तर्क दिया, "ऐसा नहीं हो सकता कि क्षेत्र के एक हिस्से में शांति हो, जबकि दूसरे हिस्सों में युद्ध और टकराव जारी रहे।"
अराघची ने बताया कि पाकिस्तान, क़तर और अन्य पक्षों की मध्यस्थता में अमेरिका के साथ हुई बातचीत में ईरान ने हमेशा सभी मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करने पर ज़ोर दिया है। उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह दशकों से खुला रहा है, लेकिन "यहां भी अब सब कुछ पहले जैसा नहीं रहेगा।"
दिवंगत कमाल खराज्जी को श्रद्धांजलि
इस बैठक में पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराज्जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। खराज्जी 1997 से 2005 तक ईरान के विदेश मंत्री और 1989 से 1997 तक संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत रहे थे। 1 अप्रैल 2026 को अमेरिका-इज़रायल के संयुक्त हवाई हमले में तेहरान स्थित उनके आवास पर वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी। 9 अप्रैल को खराज्जी का भी निधन हो गया था।
इनपुट: IANS



