फोर्ट कोच्चि कैफे विवाद: भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री सतीशन से पूछे तीखे सवाल
फोर्ट कोच्चि के एक कैफे से जुड़े विवाद ने केरल की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमृत सिंह दरन पर हुई कार्रवाई के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार…
फोर्ट कोच्चि के एक कैफे से जुड़े विवाद ने केरल की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमृत सिंह दरन पर हुई कार्रवाई के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केरल भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को संबोधित करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सतीशन के एक बयान का जवाब दिया। उन्होंने लिखा, "केरल सभी मलयाली लोगों के लिए है। मलयाली ही केरल का वर्तमान और भविष्य तय करेंगे। हमारा भोजन, हमारी संस्कृति, हमारे उत्सव। केरलम भारत का हिस्सा है और प्रत्येक मलयाली भी भारतीय है।" उन्होंने आगे कहा कि वह मुख्यमंत्री की बात से सहमत हैं, लेकिन केरल में विकसित हो रही राजनीतिक संस्कृति को लेकर कुछ जायज सवाल उठते हैं।
भाजपा ने उठाए ये प्रमुख सवाल
चंद्रशेखर ने अपनी पोस्ट में सिलसिलेवार ढंग से कई प्रश्न पूछे, जिनमें कांग्रेस और सीपीएम की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। उनके कुछ प्रमुख सवाल इस प्रकार थे:
- कुछ लोग मोहम्मद अली जिन्ना का महिमामंडन क्यों करते हैं, जिन्होंने धर्म के आधार पर भारत का बंटवारा किया?
- कुछ राजनेता हमास जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और उनकी हिंसा को क्यों सही ठहराते हैं और उनका बचाव करते हैं?
- कांग्रेस और सीपीएम जैसी पार्टियां जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों के साथ राजनीतिक गठबंधन क्यों करती हैं, जो खुले तौर पर धर्मनिरपेक्षता और भारतीय संविधान के विरोधी हैं?
कैफे विवाद और राजनीतिक संरक्षण का आरोप
फोर्ट कोच्चि के 'काशी' कैफे का जिक्र करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपमानजनक व्यवहार करके इसलिए बच जाते हैं क्योंकि उन्हें कांग्रेस और सीपीएम से खुली छूट मिलती है। उन्होंने एक काल्पनिक स्थिति का उदाहरण देते हुए पूछा, "जरा सोचिए, अगर कोई किसी मुस्लिम पवित्र शहर के नाम पर रेस्तरां खोले और वहां 'पोर्क' (सूअर का मांस) परोसे, तो केरल के मुख्यमंत्री का ट्वीट और प्रतिक्रिया क्या होगी? ऐसी स्थिति में या तो वे पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएंगे, या अपनी जान बचाने के लिए भाग जाएंगे, या फिर ये दोनों ही बातें हो सकती हैं।"
'चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता' पर निशाना
चंद्रशेखर ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का भी उल्लेख किया और कहा कि केरल में हमास के कट्टरपंथ फैलाने के प्रयासों के खिलाफ बोलने पर विजयन ने उन्हें अपशब्द कहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री सतीशन को सलाह दी कि वे सभी मलयालियों, चाहे वे हिंदू, ईसाई या मुसलमान हों, के प्रति समान संवेदनशीलता सुनिश्चित करें। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, "चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव पर चुनिंदा बातें आपको भी अपने से पहले के अन्य सभी ढोंगी राजनेताओं जैसा ही बना देंगी।"
इनपुट: IANS



