उज्जैन: 600 साल पुरानी शाही मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई को मौलाना रजवी ने 'भाईचारे पर चोट' बताया
मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक 600 साल पुरानी शाही मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद विवाद बढ़ गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस घटना को…
मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक 600 साल पुरानी शाही मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद विवाद बढ़ गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस घटना को हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए एक बड़ा झटका करार दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें चुन-चुनकर मस्जिदों को निशाना बना रही हैं।
बरेली में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना रजवी ने कहा कि यह मामला अभी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विचाराधीन है, इसके बावजूद कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, “चाहे मध्य प्रदेश की सरकार हो या किसी और राज्य की सरकार, जगह-जगह मस्जिदों पर बुलडोजर कार्रवाई की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे हिंदू-मुस्लिम भाईचारा पूरी तरह से चरमरा गया है।”
कानून के दायरे में विरोध की अपील
मौलाना रजवी ने कहा कि उज्जैन में मुसलमान सड़कों पर उतरकर कानून के दायरे में मस्जिद की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन के आश्वासन पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, सहारनपुर की तरह ही उज्जैन में भी अधिकारियों ने पहले भरोसा दिया था कि बुलडोजर नहीं चलेगा, लेकिन बाद में कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, “इसलिए तमाम मुसलमान मस्जिद की हिफाजत के लिए इंसानी ढाल बन गए। मैं समझता हूं कि उज्जैन के मुसलमानों ने बिल्कुल सही कदम उठाया है और यही कदम उठाना चाहिए।”
'गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से सुलझेंगी समस्याएं'
इस दौरान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा, “भारत में गाय हमेशा एक मुद्दा रही है। मुसलमान तो लगातार यह मांग करते आए हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए। अगर ऐसा हो जाता है तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।” उन्होंने इस्लाम में गाय के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया था, “गाय के दूध में शिफा है और गाय के गोश्त में बीमारी है।”
इनपुट: IANS



