टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: नेताओं ने मुंबई की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, बोले- 'गैंगस्टरों पर हो सख्त कार्रवाई'
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की एक घटना ने मुंबई की कानून-व्यवस्था और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की एक घटना ने मुंबई की कानून-व्यवस्था और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना से लेकर कांग्रेस और AIMIM तक, कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। नेताओं ने शहर में गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों पर भी सवाल उठाए हैं।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने इस हमले को 'कायरतापूर्ण' करार दिया और कहा कि इसमें शामिल 17, 18 और 22 साल के युवकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो हरियाणा और बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए बताया कि 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और FIR दर्ज की जा चुकी है। शाइना ने जोर देकर कहा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि कानून का खौफ बना रहे।
मुंबई में बढ़ता अपराध और पुरानी यादें
कांग्रेस नेता और विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने मुंबई में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले मुंबई में इस तरह का डर और आतंक नहीं था। जगताप ने 1995 के बाद के उस दौर को याद किया जब 2010 तक राजनीतिक इच्छाशक्ति से अंडरवर्ल्ड के प्रभाव को लगभग खत्म कर दिया गया था। वहीं, कांग्रेस के एक अन्य नेता हुसैन दलवई ने इस बात पर हैरानी जताई कि गैंग का सरगना जेल में होने के बावजूद उसके निर्देश बाहर कैसे पहुंच रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
बॉलीवुड की चुप्पी और सरकार की जवाबदेही
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि मुंबई में इतने बड़े और विश्वप्रसिद्ध सितारे रहते हैं, लेकिन इस गंभीर घटना पर किसी भी बड़े बॉलीवुड सुपरस्टार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उधर, कांग्रेस नेताओं ने सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए। पटना में कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। वहीं, राशिद अल्वी ने भाजपा के 'जीरो टॉलरेंस' के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि इसके बावजूद अभिनेताओं की जान लेने की कोशिशें और गोलीबारी की घटनाएं सरकार के लिए शर्मनाक हैं।
इनपुट: IANS



